अमेरिका ने किया ईरान युद्ध खत्म करने का ऐलान
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की आधिकारिक पुष्टि
नई दिल्ली, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज क्षेत्र की संवेदनशील स्थिति के बीच अमेरिका ने अपने चर्चित सैन्य अभियान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को समाप्त करने की घोषणा कर दी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा कि अब इस ऑपरेशन को आगे जारी रखने की जरूरत नहीं है।
रुबियो ने कहा कि अमेरिका ने इस अभियान को जिन उद्देश्यों के साथ शुरू किया था, वे पूरे हो चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वॉशिंगटन अब क्षेत्रीय तनाव को कम करने और कूटनीतिक रास्ते से आगे बढ़ने पर जोर दे रहा है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मार्को रुबियो ने कहा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति और स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए इस ऑपरेशन को बंद करने का फैसला लिया है। हम नहीं चाहते कि भविष्य में इसे फिर से शुरू करने की नौबत आए। रुबियो के बयान के कुछ देर बाद ही राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि ईरान के लोग बहुत अच्छे हैं और मैं नहीं चाहता कि निर्दोष लोगों की जान जाए।
अमेरिका ने 28 फरवरी 2026 को ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की शुरुआत की थी। अमेरिकी प्रशासन का दावा था कि इस अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य और राजनीतिक ताकत को कमजोर करना था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से कई गुप्त सैन्य कार्रवाइयां कीं। हालांकि, इन अभियानों को लेकर आधिकारिक स्तर पर सीमित जानकारी ही सार्वजनिक की गई थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले के पीछे कई राजनीतिक और रणनीतिक कारण माने जा रहे हैं। अमेरिकी कानून के तहत किसी भी सैन्य कार्रवाई के 60 दिनों के भीतर सरकार को कांग्रेस को यह बताना होता है कि युद्ध या अभियान क्यों शुरू किया गया और उसका उद्देश्य क्या है। हाल के दिनों में कांग्रेस के कई सदस्यों ने ट्रंप प्रशासन से इस मुद्दे पर जवाब मांगा था। मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका की कई सरकारें युद्ध संबंधी कानूनों को लेकर असहमति जताती रही हैं, लेकिन प्रशासन कांग्रेस के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझता है।
