April 19, 2024

कृषि मंत्री ने रजोल में किया कृषि योग्य भूमि के बचाव कार्य का शिलान्यास

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शिवालिक पत्रिका, धर्मशाला कृषि व्यवसाय को लाभकारी बनाने के लिए किसानों को संसाधन और व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में प्रदेश सरकार कार्य करेगी। विभिन्न विभागों के समन्वय से कृषि योग्य भूमि के संरक्षण और संवर्धन का कार्य किया जाएगा। शाहपुर के रजोल में कृषि योग्य भूमि के बचाव हेतु निर्माण कार्य का शुभारंभ करते हुए कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार ने यह शब्द कहे। इस अवसर पर शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक केवल सिंह पठानिया भी उपस्थित रहे। निर्माण कार्य का शिलान्यास करने के पश्चात रजोल में कृषि विभाग द्वारा आयोजित किसान मेले में प्रो. चन्द्र कुमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कार्यक्रम में क्षेत्र के किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस निर्माण कार्य से गज खड्ड के साथ लगती कृषि योग्य भूमि को संरक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रथम चरण में लगभग 36 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर भू-संरक्षण निर्माण कार्य का शिलान्यास आज कर दिया गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में बनी सरकार पूरी तैयारी के साथ परियोजनाओं को अमली जामा पहनाएगी। इसी के तहत इस निर्माण कार्य के शिलान्यास से पूर्व बजट की व्यवस्था कर राशि उपलब्ध करवायी गयी। उन्होंने कृषि विभाग के अलावा जल शक्ति विभाग, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी कृषि योग्य भूमि से संरक्षण और संवर्धन से जुड़ी परियोजनाओं पर कार्य करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में कृषि विभाग द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जिसमें नवीनतम तकनीकों, सब्जियों, कृषि यांत्रिकरण, खुम्ब उत्पादन एवँ स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदेशनी भी लगाई गई। कृषि मंत्री ने प्रदर्शनी लगाने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि देते हुए, उनके कार्य की सराहना की। साथ ही मेरी पॉलिसी मेरे हाथ अभियान के तहत कृषि मंत्री ने फसल बीमा योजना का पॉलिसी डाक्यूमेंट किसानों को भेंट किया। इस अवसर पर उन्होंने कृषि विभाग द्वारा तैयार किया गया जिला कांगड़ा भूमि उर्वरता मैप का भी अनावरण किया। कृषि मंत्री ने कहा कि बेसहारा पशुओं की समस्या से किसानों के साथ-साथ अन्य लोग भी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस समस्या से निजात पाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति गौवंश का आदर करना सिखाती है। पहले हमारे परिवारों में गौवंश के पालन को सेवा भाव से देखा जाता था, लेकिन आज अपने स्वार्थ के लिए हम गौवंश का पालन करते हैं और बाद में उन्हें सड़कों पर छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि गौवंश को आज हमने पूर्णतः सरकार पर छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार गौवंश के पालन और उत्तम खेती के लिए सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्ध है, लेकिन इनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी समाज की भी उतनी ही है। कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि व्यवसाय को लाभप्रद बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और पारम्परिक ज्ञान के मिश्रण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को ‘चलो गांव की ओर’ का नारा दिया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग से जुड़े अधिकारी और वैज्ञानिक खेत खलिहान में जाकर किसानों की समस्याओं का निदान ढूंढे। उन्होंने कहा कि पुराने बुजुर्ग जो खेती-बाड़ी करते हैं, वह कृषि के सबसे बड़े विशेषज्ञ हैं। उन्होंने कहा कि पुराने किसानों द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली पारम्परिक पद्धति से हम अच्छी और जैविक खेती की ओर बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि कृषि को आज बहुत से लोग छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी भूमि से अधिक ख्याति और समृद्धि हमें कोई नहीं दिला सकता। इसलिए बिना किसी संकोच के पूरे परिवार को संयुक्त रूप से खेती-बाड़ी करनी चाहिए।शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के हर वर्ग और हिस्से के उत्थान के लिए उन्होंने एक विजन डाक्यूमेंट तैयार कर मुख्यमंत्री को दिया था। उन्होंने कहा कि उस विजन डॉक्यूमेंट के तहत प्रमुखता से होने वाले कार्यों में से एक कार्य का शुभारंभ आज कृषि मंत्री द्वारा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में गज खड्ड ने रौद्र रूप लिया था, जिससे लगभग 30-35 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को वह अपने साथ बहा कर ले गई थी। उन्होंने कहा कि इस आपदा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री, मंत्री सहित सब लोगों ने क्षेत्र का दौरा किया लेकिन किसी ने पीडि़तों की सहायता के लिए कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में बनी सरकार ने आते ही उन लोगों का मर्म समझा और इस निर्माण कार्य के शिलान्यास के साथ तुरंत कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार अपने विजन डाक्यूमेंट के आधार पर वे शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के कायाकल्प के लिए प्रयासरत रहेंगे। इस मौके पर आयोजित किसान मेले में बड़ी संख्या में क्षेत्र किसानों ने भाग लिया। किसान शिविर में कृषि विज्ञान केन्द्र कांगड़ा तथा धान अनुसंधान केन्द्र मलाँ के वैज्ञानिकों ने किसानों को नवीनतम जानकारी से अवगत करवाया।

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