August 29, 2026

आर्टेमिस II की सफलता के बाद अब आर्टेमिस III के लॉन्च की तैयारी

नासा ने मून मिशन के बारे में दी जानकार

नई दिल्ली, चंद्रमा पर मानव वापसी की दिशा में अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा तेजी से आगे बढ़ रहा है। आर्टेमिस 2 मून मिशन की सफलता के बाद अब नासा अगले मिशन आर्टेमिस 3 और आर्टेमिस 4 लॉन्च की तैयारी में जुट गया है। हाल ही में सफलतापूर्वक पूरा हुए आर्टेमिस II मिशन के बाद अब एजेंसी का फोकस अगले मिशनों पर है, जिसमें चंद्रमा की सतह पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतारना शामिल है।

नासा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया, अब आर्टेमिस II क्रू घर लौट आया है, तो हमारे आर्टेमिस प्रोग्राम के लिए आगे क्या है? पूरी दुनिया ने इसे देखा। आर्टेमिस II ने इंसानों को अंतरिक्ष में इतनी दूर तक पहुंचाया, जहां हम पिछले आधे सदी से भी ज्यादा समय में कभी नहीं पहुंचे थे और इसने नई पीढ़ी को दिखाया कि खोज-यात्रा कैसी होती है। चांद पर वापसी की यात्रा जारी है। अब बारी है आर्टेमिस III की। हम हर साल आर्टेमिस मिशन लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं। 2027 में अगला मिशन आर्टेमिस III होगा और 2028 में आर्टेमिस IV चंद्रमा पर उतरेगा।

नासा ने हर साल एक चंद्र मिशन लॉन्च करने की योजना बनाई जा रही है। आर्टेमिस II मिशन सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद नासा ने घोषणा की कि 2027 में आर्टेमिस III और 2028 की शुरुआत में आर्टेमिस IV लॉन्च होगा। आर्टेमिस III अब चंद्रमा पर लैंडिंग के बजाय पृथ्वी की निचली कक्षा में एक महत्वपूर्ण परीक्षण मिशन होगा जबकि आर्टेमिस IV पहली चंद्रमा लैंडिंग करेगा। आर्टेमिस III मिशन 2027 में निर्धारित है। इसमें एसएलएस रॉकेट के जरिए ओरियन स्पेसक्राफ्ट में चालक दल को लॉन्च किया जाएगा।

इस मिशन का मुख्य उद्देश्य स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन के मून लैंडर्स का परीक्षण करना है। पृथ्वी की निचली कक्षा में ओरियन और इन लैंडर्स के बीच रेंडेव्ज (मिलन) और डॉकिंग की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा।

यह परीक्षण चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित उतारने और वापस लाने के लिए जरूरी है। नासा आर्टेमिस IV मिशन 2028 की शुरुआत में लॉन्च होने की योजना है। यह मिशन चंद्रमा पर पहली मानव लैंडिंग का होगा। लॉन्च के बाद चालक दल ओरियन से चंद्र लैंडर में स्थानांतरित होगा और चंद्रमा की सतह पर उतरेगा। लैंडर की तैयारियों के आधार पर तय होगा कि स्पेसएक्स का स्टारशिप एचएलएस या ब्लू ओरिजिन का ब्लू मून लैंडर इस्तेमाल किया जाएगा। लैंडिंग के बाद चालक दल लैंडर से वापस ओरियन में आएगा और प्रशांत महासागर में सुरक्षित स्प्लैशडाउन करेगा।

इस मिशन में एसएलएस रॉकेट के साथ दूसरे चरण के लिए नए विकल्पों का मूल्यांकन किया जा रहा है।नासा एसएलएस रॉकेट और ओरियन स्पेसक्राफ्ट की क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर दे रहा है। आर्टेमिस IV के बाद आर्टेमिस V में चंद्रमा पर स्थायी बेस कैंप बनाने की शुरुआत हो सकती है। एजेंसी का लक्ष्य है कि 2028 के अंत तक नियमित रूप से चंद्रमा मिशन भेजे जाएं।

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