September 22, 2026

एडीसी ने नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के साथ सड़क सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश

*एन-कॉर्ड एवं सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित *

रजनी , ऊना, अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ऊना इशांत जसवाल ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने तथा सड़क सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा उन्मूलन और सड़क सुरक्षा दोनों ही जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं, जिनके लिए प्रशासन, पुलिस, विभागों तथा आमजन की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

एडीसी शनिवार को डीआरडीए सभागार ऊना में एन-कॉर्ड (राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल) के तहत गठित जिला स्तरीय समिति तथा जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

विद्यालयों में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर बढ़ाएं जागरूकता

एन-कॉर्ड समिति की बैठक में एडीसी ने विद्यालय स्तर पर नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता गतिविधियों को और बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशे की ओर आकर्षित होने की संभावित स्थिति वाले बच्चों एवं युवाओं की समय रहते पहचान कर उनकी उचित काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें नशे से दूर रखते हुए सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा सके।

उन्होंने कहा कि युवाओं को खेल, शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों तथा अन्य सकारात्मक माध्यमों से जोड़कर नशे के विरुद्ध मजबूत सामाजिक वातावरण तैयार किया जा सकता है।

एडीसी ने सभी नशा निवारण समितियों को नियमित बैठकें आयोजित करने तथा स्थानीय समुदाय, युवाओं, महिला मंडलों और सामाजिक संगठनों को अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने और किसी भी महत्वपूर्ण सूचना को तत्काल प्रशासन एवं पुलिस के संज्ञान में लाने को कहा।

उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर, पुलिस तथा संबंधित विभागों को मेडिकल स्टोर एवं केमिस्ट दुकानों का नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दवाओं की बिक्री, उपलब्ध स्टॉक और रिकॉर्ड की निरंतर निगरानी की जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने एंटी-चिट्टा अभियान को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए।

स्कूल, कॉलेज व अस्पतालों के आसपास सड़क सुरक्षा को दें प्राथमिकता

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एडीसी ने मुख्य सड़क मार्गों पर स्थित स्कूल, कॉलेज एवं अस्पतालों के आसपास आवश्यक सांकेतिक चिह्न लगाने तथा यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां आवश्यक सड़क सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए, ताकि विद्यार्थियों, मरीजों, राहगीरों और वाहन चालकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने जिले के प्रमुख बाजारों में घोषित नो-पार्किंग एवं नो-वेंडिंग जोन को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम एवं पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि यातायात व्यवस्था बेहतर बनी रहे और आमजन को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

अतिरिक्त उपायुक्त ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, पुलिस एवं लोक निर्माण विभाग को जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का विस्तृत विश्लेषणात्मक आंकड़ा तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसमें दुर्घटनाओं के स्थान, संख्या, संभावित कारणों तथा अन्य संबंधित पहलुओं का विवरण शामिल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम द्वारा सुझाए गए उपायों तथा विभिन्न विभागों से प्राप्त आंकड़ों को समाहित करते हुए जिला सड़क सुरक्षा योजना को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में प्रभावी सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

एडीसी ने कहा कि नशा मुक्त एवं सुरक्षित ऊना के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रशासन सभी संबंधित विभागों, सामाजिक संस्थाओं, युवाओं और आमजन के सहयोग से निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने सभी विभागों से अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करते हुए जनहित में समन्वित प्रयासों को और गति देने का आह्वान किया।

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