February 25, 2026

ग्रामीण विकास में पारदर्शिता के लिए ग्राम पंचायत का होगा जीएसटी व पैन नम्बर: डॉ जे के आभीर

चरखी दादरी, ग्रामीण विकास के कार्यों का भुगतान अब ऑनलाईन ई-पेमेंट के माध्यम से ही होगा। जिसके लिए सरपंच व ग्राम सचिव के हस्ताक्षर भी पोर्टल के माध्यम से ई-हस्ताक्षर होंगे।
यह बात हरियाणा पंचायती राज के निदेशक डॉ. जे. के. आभीर ने लघु सचिवालस के सभागार में पंचायत विभाग के अधिकारियों व ग्राम सचिवों को विकास कार्यों की ई-पेमेंट प्रक्रिया का प्रशिक्षण देते समय कही। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गांवों में विकास कार्यों के लिए स्टेट मॉडल अकाऊंट खोले गए हैं। जिसके तहत अब ठेकेदारों व काम करने वाली फर्म की सिक्योरिटी व टैक्स अमाऊंट पंचायत के खाते से ही भुगतान की जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक माह की 7 तारीख तक गत माह में हुए खर्चे की रिटर्न भी भरवानी अनिवार्य है।
प्रशिक्षण के दौरान इंडियन बैंक, एचडीएफसी बैंक व इंडस बैंक के अधिकारियों ने एचआरडीएफ, एचजीवीवाई इत्यादि स्कीमों के तहत होने वाले विकास कार्यों के लेन-देन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। निदेशक डॉ. जेके आभीर ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत का जीएसटी नम्बर व पैन नम्बर जरूर लिया जाए, ताकि गांव के विकास में खर्च हाने वाली राशि के भुगतान में पूरी पारदर्शिता रखी जा सके। निदेशक ने कहा कि हरियाणा सरकार ने निर्णय लिया है कि गांवों के विकास कार्यों में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए, जिसके लिए नई व्यवस्था लागू की गई है।
इस अवसर पर जिला परिषद के चेयरमैन मंदीप डालावास ने कहा कि सरकार ने जो नए मानदंड स्थापित किए हैं, उनकी पालना की जाएगी। कार्यशाला में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप कौशिक, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेन्द्र सारवान, पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता भरत सिंह, बीडीपीओ ऋषभ सिंगल, मनोज कुमार, रामनिवास एपीओ, विकास राणा, अशोक कुमार, अमित सहित पंचायत विभाग के अधिकारी व ग्राम सचिव उपस्थित रहे।

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