February 25, 2026

मुख्यमंत्री ने एन. आर. आई. भाईचारे के लिए राजस्व विभाग से सम्बन्धित दस्तावेज़ों की तस्दीक करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल  की शुरुआत

प्रयास को ई-गवर्नेंस की तरफ एक और क्रांतिकारी कदम बताया
पोर्टल से लोगों को घर बैठे दस्तावेज़ प्राप्त करने की सुविधा हासिल होगी
चंडीगढ़,
विदेशों में बसते पंजाबी भाईचारे को बड़ी सुविधा देते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज राजस्व विभाग से सम्बन्धित दस्तावेज़ों की ऐमबौसिंग ( ज़मीन-जायदाद के दस्तावेज़ों की तस्दीक) के लिए अप्लाई करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल  eservices.punjab.gov.in की शुरुआत की।
इस प्रयास को ई-गवर्नेंस की तरफ क्रांतिकारी कदम बताते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार, भारत से बाहर रहते व्यक्ति ( एन. आर. आई. या ओ. सी. आई.) को राज्य में स्थित किसी जायदाद को बेचने/खरीदने/किराए पर देने/कब्जा लेने की ज़रूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि कई बार सम्बन्धित व्यक्ति भारत का दौरा नहीं कर सकता और दस्तावेज़ों को रजिस्टर्ड करवाने के लिए सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर में व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित नहीं हो सकता। भगवंत मान ने कहा कि ऐसे प्रवासी भारतीयों की सुविधा के लिए अब सारी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया गया है, जिससे आवेदक दस्तावेज़ों की ऐमबौसिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दस्तावेज़ निर्धारित शर्तों के आधार पर अलग-अलग स्थानों जैसे कि ज़िला, डिवीजनल कमिश्नर या वित्त कमिश्नर के पास जमा करवाए जा सकते हैं। भगवंत मान ने कहा कि एक बार आवेदन-पत्र जमा होने के बाद, इसकी सम्बन्धित शाखा के द्वारा गहराई से जांच की जाती है और मंज़ूरी की प्रक्रिया होती है। उन्होंने कहा कि इस सेवा का दायरा बढ़ाने के लिए पोर्टल में कई अतिरिक्त विशेषताएं शामिल की गई हैं। उन्होंने कहा कि इसकी महत्वपूर्ण विशेषता स्लाट बुकिंग ( समय और स्थान की बुकिंग) की सुविधा है, जोकि आवेदक को हरेक स्थान पर ऐमबौसिंग सेवा के लिए अपनी पसन्दीदा तारीख़ और समय चुनने के योग्य बनाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बेहतर समय-सारणी और सुविधा मिलती है और अन्य भी कई विशेषताएं हैं। भगवंत मान ने कहा कि इनका उद्देश्य उपयोगकर्ता के लिए बेहतर अनुभव बनाने के साथ-साथ ऐमबौसिंग प्रक्रिया को सुचारू बनाना है। उन्होंने कहा कि इसके इलावा नियमों अनुसार सम्बन्धित डिप्टी कमिश्नर दफ़्तर, डिविज़नल कमिश्नर दफ़्तर या वित्त कमिश्नर दफ़्तर में जमा करवाई जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह पोर्टल ज़रूरत अनुसार दस्तावेज़ अपलोड करने, ज़रूरत पड़ने पर अदायगी के कई विधियों ( मल्टीपल पेमेंट गेटवे), फ़ीसों का आटोमैटिक जोड़, 29 स्थानों के लिए स्लाट बुकिंग, एस. एम. एस. और ई- मेल के द्वारा जानकारी, फीस जमा करवाने पर रसीद, मंजूरी की सूचना और अन्य को भी समर्थ बनाता है। भगवंत मान ने कहा कि ऑनलाइन प्रणाली नागरिकों को दस्तावेज़ों की ऐमबौसिंग के लिए 24 घंटे अप्लाई करने की सुविधा देगी और सम्बन्धित अधिकारियों के द्वारा दस्तावेज़ों की जांच के बाद ही सम्बन्धित नागरिक को बुलाने की ज़रूरत पड़ेगी। उन्होंने कहा कि आवेदक अपेक्षित फीस ऑनलाइन भी जमा करवा सकेंगे और नागरिकों को अपने दस्तावेज़ को ऐमबौस करवाने के लिए सिर्फ़ एक बार सम्बन्धित दफ़्तर आने की ज़रूरत है। इससे उच्च अधिकारी नागरिकों को प्रभावशाली और समयबद्ध सेवाओं के लिए एम. आई. एस. रिपोर्टों के द्वारा दस्तावेज़ों के बकाए के बारे भी निगरानी कर सकेंगे।

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