पंजाब रोडवेज़ को फिर विकास की राह पर लाने के लिए वचनबद्ध : हरपाल सिंह चीमा
फ़ैसले से पंजाब रोडवेज़ को इस वित्तीय साल के दौरान 90 करोड़ रुपए की आय होगी
चंडीगढ़, पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि वित्त विभाग ने पनबस की 371 कऱ्ज मुक्त बसों को पंजाब रोडवेज़ के बेड़े में विलय की मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि विभाग की तरफ से इस वित्तीय वर्ष के दौरान इस फ़ैसले के कारण आने वाले 73 करोड़ रुपए के खर्चे को पूरा करने के लिए बजट को भी मंज़ूर किया गया है। यहाँ जारी प्रैस बयान में यह प्रगटावा करते हुये वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि यह फ़ैसला मुख्यमंत्री भगवंत मान के दिशा-निर्देशों अनुसार लिया गया है, जो पंजाब रोडवेज़ को फिर विकास की राह पर लाने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि पंजाब रोडवेज़ के फ्लिट में सिर्फ़ 115 बसें रह गई थीं और इस विलय से यह संख्या 486 हो जायेगी।
इस सम्बन्धी और जानकारी देते हुये वित्त मंत्री ने कहा कि यह फ़ैसला पंजाब रोडवेज़ को मज़बूत करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग के प्रस्ताव में शामिल अनुमानों अनुसार पूरे वित्तीय साल 2023- 24 के लिए पंजाब रोडवेज़ की तरफ से इन 371 बसों को चलाने पर 138.70 करोड़ रुपए की आय के साथ 109.61 करोड़ रुपए का अनुमानित खर्चा होने की संभावना थी। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय साल के बाकी रहते 8 महीनों के संशोधित अनुमानों अनुसार, पंजाब रोडवेज़ को 90 करोड़ रुपए की कमाई और 73 करोड़ रुपए के खर्चे निकालने के उपरांत 17 करोड़ रुपए का लाभ होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व अधीन पंजाब सरकार की तरफ से उन सभी विभागों को जो कभी राज्य का गौरव थे, को फिर मज़बूत करने की वचनबद्धता को दोहराते हुये वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वित्त विभाग इस सम्बन्धी रणनीति बनाने के लिए ऐसे प्रमुख विभागों के साथ लगातार मीटिंगें कर रहा है।
