हरियाणा में पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का नया रास्ता खुला
हरियाणा में सेना से बाहर आने वाले अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता अब पहले से ज्यादा खुल गया है। राज्य सरकार ने सीधी भर्ती के आठ प्रमुख पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण तय कर दिया है। इसके अलावा अन्य ग्रुप-सी पदों में 5 प्रतिशत और कौशल विशेषज्ञता से जुड़े ग्रुप-बी पदों में 1 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। नई व्यवस्था पहली सितंबर, 2026 से लागू होगी।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए। इसके साथ ही पूर्व अग्निवीरों के आरक्षण को लेकर पहले जारी अलग-अलग आदेशों को समाहित कर एकीकृत व्यवस्था लागू की गई है। 20 प्रतिशत आरक्षण उन पदों पर लागू होगा, जहां सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन का सीधा उपयोग हो सकता है। इनमें पुलिस कांस्टेबल, इंडियन रिजर्व बटालियन के कांस्टेबल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के कांस्टेबल, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डन, माइनिंग गार्ड, वाइल्डलाइफ गार्ड तथा फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर शामिल हैं। इस 20 प्रतिशत कोटे के भीतर वंचित अनुसूचित जाति के लिए 2, अन्य अनुसूचित जाति के लिए 2, बीसी-ए के लिए 3, बीसी-बी के लिए 2, ईडब्ल्यूएस के लिए 2 और अनारक्षित श्रेणी के लिए 9 प्रतिशत हिस्सा तय किया गया है। इन आठ पदों के अलावा अन्य ग्रुप-सी पदों की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण मिलेगा। इसमें वंचित अनुसूचित जाति और अन्य अनुसूचित जाति के लिए एक-एक प्रतिशत तथा बीसी-ए, बीसी-बी, ईडब्ल्यूएस और अनारक्षित श्रेणी के लिए निर्धारित प्रावधान लागू होंगे। वहीं, सैन्य प्रशिक्षण में हासिल कौशल से संबंधित ग्रुप-बी पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 1 प्रतिशत आरक्षण रखा गया है। इसका मकसद सेना में हासिल तकनीकी और व्यावहारिक दक्षता को सरकारी नौकरियों में भी मान्यता देना है।
पूर्व अग्निवीरों का चयन उनकी संबंधित वर्टिकल श्रेणी की मेरिट के आधार पर होगा। यानी क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिलने के बावजूद उनका चयन उनकी मूल आरक्षित श्रेणी के पद के विरुद्ध ही माना जाएगा। यदि किसी श्रेणी के आरक्षित पद के लिए योग्य पूर्व अग्निवीर उपलब्ध नहीं होता है, तो वह पद संबंधित वर्टिकल आरक्षण श्रेणी के अन्य योग्य उम्मीदवार से भरा जा सकेगा।
सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में एक और बड़ी राहत दी है। पुलिस कांस्टेबल, फॉरेस्ट गार्ड, वार्डर, माइनिंग गार्ड और वाइल्डलाइफ गार्ड के पदों के लिए आवश्यक फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट (पीएसटी) से उन्हें छूट रहेगी। हालांकि संबंधित भर्ती एजेंसी की लिखित परीक्षा देना अनिवार्य होगा। ग्रुप-सी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए सीईटी से छूट का मौजूदा प्रावधान भी जारी रहेगा। इसके अलावा, जिस पद के लिए उनके सैन्य प्रशिक्षण में हासिल कौशल को प्रासंगिक माना गया है, उसके लिए कौशल परीक्षा से भी छूट मिलेगी। लिखित परीक्षा इसमें भी अनिवार्य होगी।इन सभी छूटों का लाभ संबंधित भर्ती के विज्ञापन में आवेदन के समय दिया जाएगा।
सरकार ने आरक्षण से जुड़े समय-समय पर जारी सभी संशोधनों को नए निर्देशों में शामिल कर दिया है। इसके साथ 20 अगस्त, 2025 और 20 जुलाई, 2026 को जारी पूर्व निर्देश वापस ले लिए गए हैं। सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और अन्य सक्षम प्राधिकारियों को नई व्यवस्था का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अनुरूप सेवा नियमों में जरूरी संशोधन भी किए जाएंगे।
