August 2, 2026

झंडूता के गंगलोह में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित, जडडू में हुआ पौधरोपण कार्यक्रम

प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर ने की बतौर मुख्यातिथि शिरकत

महाधिवक्ता हिमाचल प्रदेश सरकार अनूप रत्न भी विशेष तौर पर रहे मौजूद

गंगलोह (बिलासपुर), राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर तथा वन विभाग के संयुक्त सहयोग से विकास खंड झंडुता की ग्राम पंचायत सनीहरा स्थित राजकीय उच्च विद्यालय गंगलोह में आज रविवार को विधिक साक्षरता शिविर तथा जड्डू में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष विवेक सिंह ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश सरकार के महाधिवक्ता अनूप रत्न भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर ने पर्यावरण संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग प्रकृति के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि आज समुद्र की गहराइयों में रहने वाली मछलियों में भी प्लास्टिक के कण पाए जा रहे हैं, जो मानव और पर्यावरण दोनों के लिए चिंताजनक है। उन्होंने सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने नशे को समाज के लिए गंभीर खतरा बताते हुए अभिभावकों और शिक्षकों से बच्चों एवं युवाओं में नैतिक मूल्यों और संस्कारों का विकास करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों का पहला विद्यालय उनका परिवार होता है, इसलिए परिवारों की जिम्मेदारी है कि वे उन्हें अच्छे संस्कार दें।

न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर ने नागरिकों को संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का संदेश देते हुए कहा कि अधिकारों के साथ कर्तव्यों का निर्वहन भी समान रूप से आवश्यक है। उन्होंने कहा कि धर्म, जाति अथवा अन्य आधारों पर समाज का विभाजन राष्ट्र की एकता और स्वतंत्रता के लिए हितकारी नहीं है। स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने नागरिकों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि अधिकारों की मांग के नाम पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है। एक सशक्त, समरस और विकसित समाज के निर्माण के लिए महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समानता तथा अमीरी-गरीबी के भेदभाव को समाप्त करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं, जिनका अधिक से अधिक लाभ उठाया जाना चाहिए।

इससे पूर्व न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर ने वन विभाग द्वारा कलोल वन रेंज की कुलज्यार बीट के अंतर्गत जडडु में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में भाग लिया तथा अर्जुन का पौधा रोपित किया। यहां पर लगभग दो हेक्टेयर क्षेत्र में आंवला, हरड़, बेहड़ा, जामुन तथा खैर के करीब 600 पौधों का रोपण किया गया है।

इस अवसर पर वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सशक्त, सक्षम एवं समरस समाज-संवैधानिक लक्ष्य विषय पर अपने विचार रखते हुए महाधिवक्ता अनूप रत्न ने कहा कि विधिक जागरूकता का उद्देश्य लोगों को उनके अधिकारों एवं कानूनों की जानकारी देकर न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही सशक्त समाज की आधारशिला है तथा समरस समाज का निर्माण तभी संभव है जब व्यक्ति जाति, धर्म और अन्य संकीर्णताओं से ऊपर उठकर समाजहित में कार्य करे।

उन्होंने कहा कि सरकार करदाताओं के धन को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से पुनः जनता के हित में व्यय करती है। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा नशे, विशेषकर चिट्टा तस्करी में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध की गई सख्त कार्रवाई तथा नई भर्तियों में नशा विरोधी परीक्षण को अनिवार्य किए जाने का भी उल्लेख किया।

कार्यक्रम में अतिरिक्त महाधिवक्ता रमाकांत शर्मा ने मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य तथा अधिवक्ता सर्वजीत सिंह ने पर्यावरण संरक्षण, भूमंडल रक्षण एवं राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाएं विषय पर विचार प्रस्तुत किये।

इससे पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर की अध्यक्ष ज्योत्सना सुमंत डढवाल ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए शिविर की रूपरेखा एवं उद्देश्य पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव रंजीत, अतिरिक्त महाधिवक्ता रमाकांत शर्मा, तेजस्वी शर्मा, पवन नड्डा, राकेश दोल्टा, रूपेंद्र सिंह ठाकुर, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहित बंसल, नवीश कुमार भारद्वाज, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अक्षी शर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रतीक गुप्ता, वन मंडलाधिकारी चमन लाल, एसडीएम अर्शिया शर्मा, डीएसपी मुनीश कुमार, बार एसोसिएशन झंडुता के अध्यक्ष दलजीत सिंह, पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *