August 1, 2026

रैंप परियोजना के तहत 30 ग्रामीण महिलाओं को मिलीं स्वचालित सिलाई मशीनें

कौशल प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार की दिशा में बढ़े कदम, डॉ. रेणु सहरावत बोलीं.. महिलाओं को हुनर के आधार पर आत्मनिर्भर बनाने की सार्थक पहल

रजनी,ऊना, रैंप (रेजिंग एंड एक्सलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस) परियोजना के तहत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली ऊना जिले की 30 ग्रामीण महिलाओं को शनिवार को बचत भवन ऊना में पूर्णतः स्वचालित सिलाई मशीनें वितरित की गईं। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अस्पताल अनुभाग की अध्यक्ष डॉ. रेणु सहरावत ने की, जबकि उपायुक्त ऊना जतिन लाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

डॉ. रेणु सहरावत ने कहा कि महिलाओं के कौशल को आजीविका से जोड़ना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि रैंप परियोजना के तहत उपलब्ध कराई गई स्वचालित सिलाई मशीनें महिलाओं के हुनर को स्वरोजगार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। आर्थिक रूप से सशक्त महिला अपने परिवार के साथ-साथ समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे प्रयास अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने पैरों पर खड़े होने के लिए प्रेरित करेंगे।
उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि रैंप परियोजना के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। जिला प्रशासन प्रशिक्षण, संसाधन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की सामर्थ्य पहल के माध्यम से भी महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और कौशल विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
संयुक्त निदेशक उद्योग अंशुल धीमान ने बताया कि स्किल लैब्स और सिंगर इंडिया के सहयोग से 30 ग्रामीण महिलाओं को सिंगर कंपनी की पूर्णतः स्वचालित सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि वे अपना स्वरोजगार शुरू कर सकें। उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों को एक सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें बिजनेस कैनवास मॉडल, डिजिटल साक्षरता और वित्तीय साक्षरता जैसे विषय शामिल रहे। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही महिलाओं को स्वचालित सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों का टाहलीवाल स्थित तारामंडल मिंक प्राइवेट लिमिटेड का औद्योगिक भ्रमण भी करवाया गया, जिससे उन्हें उद्योग संचालन की व्यावहारिक जानकारी मिली। आगामी चरण में महिलाओं को उद्यम पंजीकरण, ऋण सुविधा, क्लस्टर गठन तथा मेंटरशिप के माध्यम से निरंतर सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि वे सफल उद्यमी के रूप में स्थापित हो सकें।
कार्यक्रम में डीआरडीए के परियोजना अधिकारी रमनवीर चौहान, उद्योग विभाग ऊना के प्रबंधक अखिल शर्मा, स्किल लैब्स के निदेशक डॉ. हिमेश शर्मा, तारामंडल मिंक प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक आर.के. शर्मा, डीपीएम ज्योति शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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