राजस्व मंत्री ने जिला किन्नौर के शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
जिला में निचार, भावानगर, रिकांगपिओ, सांगला व कानम सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न पर शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है
रिकांगपिओ , राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री श जगत सिंह नेगी ने आज यहां एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना भवन के सम्मेलन कक्ष में जिला शिक्षा विभाग उच्चतर, प्रारंभिक व गुणवत्ता की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
कैबिनेट मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार शिक्षा के आधारभूत ढांचे को विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा दुर्गम व दूरस्थ क्षेत्रों में घर-द्वार पर गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पूर्व भाजपा सरकार में हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा के मानकों पर देश में 21 वें स्थान पर था, लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 5 वें स्थान पर काबिज है।
जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने राजीव गांधी आर्दश डे-बोर्डिंग स्कूल कल्पा के निर्माणाधीन विकास कार्यों पर उपस्थित लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पर बल दिया ताकि आधुनिक शिक्षा सुविधा जनजातीय जिला किन्नौर के छात्र-छात्राओं को उपलब्ध हो सके।
जगत सिंह नेगी ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में राज्य में 150 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न के आधार पर वर्तमान शिक्षा सत्र में आरंभ की है जिससे वंचित एवं निर्धन वर्गों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा सुविधा उपलब्ध हो सके और वे निजी स्कूलों के बच्चों के समक्ष प्रतियोगी परीक्षाओं में हीन भावना महसूस न करें। उन्होंने बताया कि जनजातीय जिला किन्नौर में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला निचार, भावानगर, सांगला, रिकांगपिओ व कानम स्कूलों को चिन्हित किया गया है ताकि जिला के विद्यार्थियों को घर-द्वार पर गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध हो सके।
कैबिनेट मंत्री ने जिला में रिक्त पडे़ शिक्षकों के पदों को चरणबद्ध तरीके से शीघ्र भरने का आश्वासन दिया ताकि शिक्षकों की कमी से ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
बागवानी मंत्री ने जिला के स्कूलों में खेल गतिविधियों विशेषकर अंडर 14 व अंडर 19 वर्गों में उपलब्धियों पर विस्तृत चर्चा की और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया और उपस्थित प्रधानाचार्यों को खेल-कूद प्रतियोगिताओं को बढ़ावा देने का आहवान किया ताकि विद्यार्थियों का शारीरिक, बौद्धिक एवं मानसिक विकास संभव हो सके और वे भविष्य में चुनौतियों का सामना मज़बूती से कर सकें।
उप निदेशक उच्चतर कुलदीप सिंह डोगरा ने बैठक का संचालन किया तथा शिक्षा विभाग की विभिन्न गतिविधियों से कैबिनेट मंत्री को अवगत करवाया।
बैठक में उप मंडलाधिकारी कल्पा प्रवीण भारद्वाज, सहायक आयुक्त विपिन कुमार, उप निदेशक शिक्षा (गुणवत्ता) सुशील कुमार शर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता ललित कुमार जरयाल सहित शिक्षाविद, विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
