राजीव गांधी वन संवर्धन योजना से महिला व युवक मंडलों को मिला हरित भविष्य संवारने का दायित्व, पर्यावरण संरक्षण के साथ ही आजीविका के भी खुल रहे नए द्वार
मंडी, बदलते जलवायु परिदृश्य और पर्यावरण संरक्षण की बढ़ती आवश्यकता के बीच प्रदेश सरकार की राजीव गांधी वन संवर्धन योजना जनभागीदारी आधारित हरित विकास का सशक्त मॉडल बनकर उभर रही है। योजना के माध्यम से महिला मंडलों और युवक मंडलों को पौधरोपण तथा पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी सौंपकर पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। इससे जहां एक ओर ग्रामीण महिलाओं और युवाओं की आजीविका को नई मजबूती मिल रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के वन क्षेत्र के संरक्षण एवं संवर्धन को भी बल मिल रहा है।
मंडी वन मंडल में 20 हेक्टेयर क्षेत्र में लगाए गए 16 हजार पौधे
वन मंडल मंडी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 8 महिला मंडलों और दो युवक मंडलों के माध्यम से 20 हेक्टेयर क्षेत्र में 16,000 पौधों का रोपण कराया गया। वन विभाग द्वारा पौधरोपण एवं संरक्षण कार्य के लिए महिला और युवक मंडलों को एक हैक्टेयर के लिए एक लाख 20 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
पौधरोपण में बान, देवदार, दाडू, कचनार, शीशम, आंवला, बेहड़ा, रीठा, जामुन और पाजा जैसी स्थानीय एवं बहुपयोगी प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई। इन पौधों का वितरण कोटली, कटौला, मंडी, द्रंग और पनारसा रेंज की रानी बाईं, त्वांबड़ा, कमांद, कटौला, मेहसरा, कुन्नू, सरौन तथा शाला नाल नर्सरियों से किया गया।
वैज्ञानिक पद्धति से हुआ पौधरोपण
योजना के अंतर्गत मंडी वन मंडल में माइक्रो प्लान के आधार पर वैज्ञानिक तरीके से पौधरोपण किया गया, जिससे पौधों के बेहतर विकास और दीर्घकालिक संरक्षण को सुनिश्चित किया जा सके।
महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बनी योजना की सबसे बड़ी ताकत
योजना की सबसे बड़ी विशेषता स्थानीय महिला मंडलों और युवक मंडलों की सक्रिय सहभागिता है। वन विभाग का मानना है कि स्थानीय समुदाय पौधरोपण के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल एवं संरक्षण भी प्रभावी ढंग से करेगा, जिससे पौधों के जीवित रहने की दर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक सहभागिता और रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रही है।
युवाओं ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
मंडी के शांडला स्थित एकता युवक मंडल के अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ युवाओं और महिला मंडलों को प्रकृति से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय एवं दूरदर्शी पहल है। पौधरोपण अभियान में सिद्धि विनायक महिला मंडल की अध्यक्ष गरिमा, महिला मंडल सलेतर की अध्यक्ष नंदा कुमारी, महिला मंडल लक्ष्मी, सिऊण की अध्यक्ष शकुंतला देवी, पार्वती स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष वंदना देवी, नवज्योति महिला मंडल, सिराम की अध्यक्ष लज्जा देवी, नेहरू युवक मंडल, रियूर के अध्यक्ष दुष्यंत ठाकुर, नाग नाला महिला मंडल की अध्यक्ष प्रेमलता शर्मा तथा दारुणाल युवक मंडल के अध्यक्ष राम प्रकाश ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
सभी महिला मंडलों एवं युवक मंडलों के प्रतिनिधियों ने पौधरोपण के उपरांत मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का धन्यवाद करते हुए कहा कि राजीव गांधी वन संवर्धन योजना पर्यावरण संरक्षण, जनसहभागिता और हरित हिमाचल के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक पहल है।
वन वृत्त मंडी में 121.5 हेक्टेयर क्षेत्र के कार्य स्वीकृत
वन वृत्त मंडी में राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत वन विकास एवं आजीविका संवर्धन में स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। योजना का उद्देश्य हरित आवरण बढ़ाना, वन आधारित आजीविका को सुदृढ़ करना तथा स्थानीय लोगों में वनों के प्रति स्वामित्व एवं संरक्षण की भावना विकसित करना है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 121.5 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए कार्य स्वीकृत किए गए, जिनके लिए लगभग 1 करोड़ 24 लाख 20 हजार रुपये की राशि आवंटित की गई। इस अवधि में 102.5 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया तथा लगभग 1 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय उपलब्धि अर्जित की गई। योजना के तहत 74 महिला एवं युवक मंडलों को लाभान्वित करते हुए 1,22,857 पौधे/पॉलियों का वितरण किया गया।
