पाकिस्तान में सिर्फ 5 दिन का कच्चा तेल बचा
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री ने मौजूदा हालातों पर गंभीर चिंता व्यक्त की
इस्लामाबाद, पाकिस्तान के सामने अब एक ऐसा खौफनाक घरेलू संकट खड़ा हो गया है, जिसने पूरे देश की नींद उड़ा दी है। पाकिस्तान के ऊर्जा और वित्त मंत्रालय की ओर से एक ऐसा डराने वाला कुबूलनामा सामने आया है, जिससे देश में भारी खलबली मच गई है। शहबाज शरीफ सरकार ने आधिकारिक तौर पर यह मान लिया है कि देश के पास अब कच्चे तेल का रिजर्व (भंडार) केवल 5 से 7 दिनों का ही बचा है। वहीं, हालात इतने बदतर हैं कि डीजल और एलपीजी जैसे अन्य ईंधनों का स्टॉक भी महज कुछ ही हफ्तों में पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
पाकिस्तान में अचानक उपजे इस भयानक ऊर्जा संकट के सीधे तार मध्य पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक तनावों और युद्ध से जुड़े हैं। ईरान और अमेरिका के बीच लगातार बढ़ते तनाव के कारण ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज स्ट्रेट को व्यापारिक जहाजों के लिए लगभग पूरी तरह से बंद कर दिया है।
पाकिस्तान के केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने मौजूदा हालातों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए देश को बुरी खबर दी है। समा टीवी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यह युद्ध जल्द खत्म होता नहीं दिख रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भारी अनिश्चितता और संकट पैदा हो रहा है। मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह किया कि पाकिस्तान के पास वर्तमान में एक दिन का भी पेट्रोल रिजर्व मौजूद नहीं है यानी पेट्रोल का स्टॉक जीरो हो चुका है। इसके अलावा देश के पास केवल 5 से 7 दिनों का कच्चा तेल मौजूद है, डीजल का स्टॉक 26-28 दिन और एलपीजी का स्टॉक मुश्किल से 15 दिनों के लिए ही पर्याप्त है। हालात इतने बेकाबू हैं कि पाकिस्तान दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है, जिसने आधिकारिक तौर पर एयरलाइंस के लिए ईंधन की कमी की चेतावनी जारी कर दी है। इसके साथ ही मंत्री ने बताया कि इतिहास में पहली बार दुबई क्रूड की कीमतें 170 डॉलर के उच्चतम स्तर को छू गई हैं।
देश को पूरी तरह से ठप होने से बचाने और ईंधन की खपत कम करने के लिए शाहबाज शरीफ सरकार अब बेहद सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल को बचाने के लिए देश में एक बार फिर कोविड काल जैसे लॉकडाउन के नियम लागू किए जा सकते हैं।
