बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है
अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाह की घटनाओं की रोकथाम के संबंध में उपायुक्त महेंद्र पाल की अध्यक्षता में वीरवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी विभागों को सतर्क रहकर आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है, जो बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। इसे रोकना प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध करवाई जाए। उपायुक्त ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज पैलेस, बैंक्वेट हॉल एवं अन्य सेवा प्रदाता किसी भी प्रकार के बाल विवाह आयोजन की अनुमति न दें। यदि ऐसे किसी आयोजन की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दी जाए, अन्यथा संबंधित के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
