April 6, 2026

रिवर राफ्टिंग गतिविधियों में सुरक्षा मानकों की हो सख्त अनुपालन : अनुराग चन्द्र शर्मा

साहसिक गतिविधियों में नशे के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश

संलग्न पायलटों एवं ऑपरेटरों के लिए

कुल्लू, जिला में संचालित साहसिक गतिविधियों, विशेषकर रिवर राफ्टिंग की समीक्षा के लिए नियामक समिति की बैठक सोमवार को उपायुक्त एवं अध्यक्ष, नियामक समिति रिवर राफ्टिंग अनुराग चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार, एवीमास मनाली के निदेशक अविनाश नेगी, विभिन्न राफ्टिंग संगठनों के पदाधिकारी तथा गैर-आधिकारिक सदस्य उपस्थित रहे। बैठक की कार्यवाही का संचालन जिला पर्यटन विकास अधिकारी रोहित शर्मा ने किया। 

बैठक में रिवर राफ्टिंग गतिविधियों में सुरक्षा मानकों के सख्त अनुपालन तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सिंगल काउंटर व्यवस्था को शीघ्र प्रभाव से लागू किया जाए, जिसके तहत राफ्टिंग की सभी बुकिंग केवल अधिकृत ‘सिंगल काउंटर सिस्टम’ के माध्यम से ही की जाएंगी। उन्होंने राफ्टिंग गतिविधियों के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के पालन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक राफ्टिंग स्ट्रेच पर गतिविधियों का समुचित रिकॉर्ड रखना और प्रतिदिन का ब्यौरा प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। उन्होंने अवैध एवं अपंजीकृत साहसिक गतिविधियों पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित एजेंसियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तत्काल जिला पर्यटन विकास अधिकारी को सूचित करना अनिवार्य होगा। उपायुक्त ने दोहराया कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में सभी एसोसिएशनों को ‘सेल्फ-रेगुलेशन’ के तहत कार्य करने तथा सरकारी नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में अवमानना की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक ऑपरेटर को लॉग बुक का नियमित रखरखाव, मासिक राइड्स और पर्यटकों के आंकड़ों का विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तत्काल जिला पर्यटन विकास अधिकारी को सूचित करना अनिवार्य होगा। उपायुक्त ने दोहराया कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में सभी एसोसिएशनों को ‘सेल्फ-रेगुलेशन’ के तहत कार्य करने तथा सरकारी नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में अवमानना की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक ऑपरेटर को लॉग बुक का नियमित रखरखाव, मासिक राइड्स और पर्यटकों के आंकड़ों का विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।

उपायुक्त ने साहसिक खेलों में संलग्न पायलटों एवं ऑपरेटरों के लिए नशे के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने पर भी जोर दिया।

बैठक के उपरांत उपायुक्त ने लारजी वाटर स्पोर्ट्स सोसाइटी की बैठक की भी अध्यक्षता की और संबंधित अधिकारियों को विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र में जलक्रीड़ा एवं पर्यटन गतिविधियों के विस्तार पर ठोस निर्णय लिया जा सके।

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