February 18, 2026

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए उठाएं कड़े कदम : अमरजीत सिंह

उपायुक्त ने की राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 की गतिविधियों की समीक्षा

हमीरपुर 08 जनवरी। उपायुक्त अमरजीत सिंह ने सभी एसडीएम, पुलिस, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, नेशनल हाईवे, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जिले में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं तथा यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें, ताकि इस वर्ष जिला में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों की संख्या में कमी लाई जा सके।
वीरवार को जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने बताया कि इस वर्ष पहली जनवरी से 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 मनाया जा रहा है और इसमें कई गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में जिला हमीरपुर में 84 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 26 लोग मारे गए थे। जबकि, वर्ष 2025 में 67 सड़क दुर्घटनाओं में 17 लोगों की असामयिक मौतें हुईं। हालांकि, पिछले एक वर्ष के दौरान जिला में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई, लेकिन ऐसी दुर्घटनाओं में लोगों की असामयिक मौतें बहुत ही दुखद हैं। उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का उद्देश्य वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में कम से कम 50 प्रतिशत तक की कमी लाना है।
उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग और नेशनल हाईवे के अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं की आशंका वाले ब्लैक स्पॉट्स चिह्नित करके इन्हें तुरंत ठीक करने और आवश्यकतानुसार चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग करने वालों और यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा सड़क सुरक्षा के प्रति आम लोगों को जागरुक करने के लिए सभी शिक्षण संस्थानों, प्रमुख सार्वजनिक स्थलों और ट्रांसपोर्ट यूनियनों इत्यादि में सभी संबंधित विभाग जागरुकता अभियान चलाएं। शिक्षण संस्थानों में भाषण, चित्रकला, नारा लेखन, प्रश्नोत्तरी और अन्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी विद्यार्थियों को जागरुक करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिक उपचार पर जागरुकता शिविर और चालकों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने कहा कि सभी संबंधित विभाग इन गतिविधियों की रिपोर्ट भी प्रेषित करें, ताकि इन्हें पोर्टल पर अपलोड किया जा सके।बैठक में समिति के सदस्य सचिव एवं लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता दीपक कपिल ने विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एडीसी अभिषेक गर्ग, विभिन्न उपमंडलों के एसडीएम, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।

राहवीर पुरस्कार और कैशलेस इलाज योजना का करें व्यापक प्रचार-प्रसार

उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए तत्काल सहायता प्रदान करने वाले नेक व्यक्तियों को राहवीर योजना के तहत ‘गुड सेमेरिटन’ पुरस्कार दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों का अब आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध सभी अस्पतालों और अन्य सूचीबद्ध अस्पतालों में डेढ लाख रुपये तक का मुफ्त एवं कैशलैस इलाज हो सकता है। सड़क दुर्घटना के बाद 24 घंटे के भीतर अस्पताल में दाखिल होने पर यह सुविधा मिलेगी और घायल व्यक्ति का अधिकतम सात दिन तक कैशलैस इलाज किया जा सकता है। कोई भी सूचीबद्ध अस्पताल घायल को दाखिल करने से मना नहीं कर सकता है। योजना से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 14555 पर भी संपर्क किया जा सकता है। इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार होना चाहिए।

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