मिलवां अनाज मंडी में बना मोबाइल स्टोरेज यूनिट: डीसी
500 मीट्रिक टन बढ़ेगी भंडारण क्षमता, स्थानीय किसान होंगे लाभांवित
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने खर्चे 25 लाख, प्रशासन ने 13 लाख
धर्मशाला, जिला कांगड़ा के इंदौरा ब्लॉक में स्थित अनाज मंडी मिलवां में अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए एक मोबाइल स्टोरेज यूनिट का निर्माण किया गया है। उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने जानकारी दी कि ‘वर्ल्ड फूड प्रोग्राम’ के सहयोग से निर्मित इस स्टोरेज यूनिट का उपयोग क्षेत्र के कृषक अपने उत्पाद और अनाज को स्टोर करने के लिए कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस मोबाइल स्टोरेज यूनिट के निर्माण में लगभग 38 लाख रूपये व्यय किए गए हैं। जिसमें 25 लाख रूपये वल्र्ड फूड प्रोग्राम और 13 लाख रूपये जिला प्रशासन और एपीएमसी द्वारा खर्च किए गए हैं। उन्होंने बताया कि खंड विकास कार्यालय इंदौरा के माध्यम से इसका निर्माण करवाया गया।
उपायुक्त ने बताया कि इसके निर्माण के लिए नई दिल्ली में प्रदेश सरकार की सलाहकार नंदिता गुप्ता का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने इस स्टोरेज यूनिट को बनाने का विषय नंदिता गुप्ता के संज्ञान में लाया था। जिसके बाद उन्होंने भारत सरकार और वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के समक्ष इस विषय को रखकर बहुत कम समय में इसके निर्माण की स्वीकृति दिलवाई। उन्होंने बताया कि मोबाइल स्टोरेज यूनिट के निर्माण के लिए कनवास की उपलब्धता और उसकी इंस्टालेशन पूर्णतः वर्ल्ड फूड प्रोग्राम द्वारा निःशुल्क की गई।
मिलवां में 500 मीट्रिक टन बढ़ी भंडारण क्षमता
डीसी ने बताया कि अनाज मंडी मिलवां में निर्मित इस भंडारण यूनिट की क्षमता 500 मीट्रिक टन है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के अथक प्रयासों से वर्ष 2022-23 में मिलवां अनाज मंडी प्रारंभ हुई थी। उन्होंने कहा कि यहां निर्मित गोदाम तथा अन्य ठोस स्ट्रक्चर में अब तक 600 मीट्रिक टन अनाज के भंडारण की क्षमता थी। उन्होंने बताया कि कईं बार फसल अधिक होने की वजह से अनाज को बाहर खुले में रखना पड़ता था, जिससे उसके खराब होने का खतरा बना रहता था। उन्होंने बताया कि इस मोबाइल स्टोरेज यूनिट के निर्माण के बाद मिलवां में अब कुल 1100 मीट्रिक टन अनाज को स्टोर किया जा सकेगा।
जिले में कृषकों के लिए तीन अनाज मंडिया स्थापित
डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि जिला कांगड़ा में तीन अनाज मंडियों के माध्यम से किसानों के अनाज का उपार्जन और भंडारण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फतेहपुर में 400 मीट्रिक टन, रियाली में 600 मीट्रिक टन और मिलवां में 1100 मीट्रिक टन अनाज के भंडारण करने की क्षमता है। उन्होंने बताया कि आगामी 3 अक्तूबर से प्रारंभ होने वाले खरीफ विपणन सीज़न में क्षेत्र के किसान इसका पूरा लाभ उठा सकेंगे।
