हम पर युद्ध थोपा गया है, देश हित में लड़ेंगे जरूर: ईरान
तेहरान, ईरान ने खुद पर हुई अमेरिकी हमलों को थोपा हुआ युद्ध बताया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि जहां जरूरत होगी वहां कूटनीति से काम लिया जाएगा लेकिन जहां जरूरत पड़ेगी तो देशहित में लड़ने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इसके साथ ही उन्होंने उस शांति प्रस्ताव का भी जिक्र किया जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अस्वीकार कर दिया है। प्रस्ताव में लिखी गई उन मांगों का जिक्र किया जो उनके अनुसार तर्कसंगत हैं। तेहरान में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जब उनसे भविष्य की कार्रवाई को लेकर सवाल किया गया तो कहा कि अगर ईरान को लड़ाई के लिए मजबूर किया गया तो वह लड़ाई लड़ेगा। कूटनीतिक संवाद भी जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि जहां कूटनीति की गुंजाइश होगी, वहां बातचीत का रास्ता भी अपनाया जाएगा। कूटनीति के अपने नियम होते हैं। बाघेई के अनुसार, तेहरान अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा।
ईरानी प्रस्ताव को लेकर पूछे सवाल पर कहा कि हमारी मांगें जायज हैं। हम इतना भर चाहते हैं कि युद्ध खत्म हो, नाकाबंदी हटे, समुद्री डकैती रुके, और अमेरिका के दबाव में बैंकों में गलत तरीके से जमा ईरानी संपत्तियों को वापस लिया जाए।
होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करना और ईरान और लेबनान में शांति स्थापित करने की मांग हमारे लिए अहम है। ये ऐसे प्रस्ताव हैं जो इलाके में स्थिरता के लिए एक सही माहौल बनाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि बदकिस्मती से, अमेरिका अपने एकतरफा रुख पर अड़ा है और अधिक से अधिक दबाव डालने की कोशिश कर रहा है।
