September 13, 2026

ट्रंप की ‘धमकी’ सिर्फ ‘शोर’, ईरान युद्ध के बीच ब्रिटेन ने भी छोड़ा ट्रंप का साथ

बुलाई 35 देशों की बैठक

लंदन, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर वैश्विक चिंता के बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ किया है कि उनकी सरकार का फोकस देश के आर्थिक हित, ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीतिक समाधान पर है। उन्होंने कहा कि वह समझते हैं कि लोग बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्च को लेकर क्यों चिंतित हैं, और इसी से निपटने के लिए सरकार पहले ही एक “पांच-पॉइंट प्लान” पर काम कर रही है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन, ईरान के खिलाफ अमेरिका और इस्राइल के सैन्य अभियान में शामिल नहीं होगा। उन्होंने साफ-साफ कहा कि यह हमारी लड़ाई नहीं है। उनका यह फैसला ऐसे समय में आया है जब नाटो सहयोगी देशों की तरफ से ब्रिटेन पर इस जंग में कूदने का भारी दबाव बनाया जा रहा था। प्रधानमंत्री ने साफ किया कि वह देश की सेना को किसी ऐसे आक्रामक अभियान का हिस्सा नहीं बनने देंगे, जिससे ब्रिटेन के राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचे।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाटो से बाहर निकलने की संभावित चेतावनी पर भी स्टार्मर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे “दबाव बनाने की कोशिश” और “शोर” बताते हुए कहा कि नाटो अब तक का सबसे प्रभावी सैन्य गठबंधन है और ब्रिटेन इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “चाहे कितना भी प्रेशर या शोर हो, मैं हर फैसला अपने देशहित को ध्यान में रखकर ही लूंगा।” साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ब्रिटेन इस संघर्ष में सीधे शामिल नहीं होगा। यह हमारी लड़ाई नहीं है, और हम इसमें नहीं फंसेंगे, उन्होंने कहा, लेकिन साथ ही जोड़ा कि रक्षा, सुरक्षा और आर्थिक भविष्य को देखते हुए यूरोप के साथ करीबी संबंध बनाना जरूरी है।

होर्मुज संकट पर स्टार्मर ने कूटनीतिक पहल की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि ब्रिटेन इस हफ्ते के आखिर में उन देशों के साथ एक अहम बैठक की मेजबानी करेगा, जो होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में सहयोग करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यवेट कूपर इस बैठक की अध्यक्षता करेंगी, जिसमें नेविगेशन की आजादी बहाल करने, फंसे जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरी सामानों की आवाजाही फिर से शुरू करने पर चर्चा होगी। स्टार्मर के मुताबिक, ब्रिटेन पहले ही इस दिशा में सक्रिय है। विदेश मंत्री और चांसलर जी7 देशों के समकक्षों से बातचीत कर चुके हैं, जबकि रक्षा मंत्री मिडिल ईस्ट के साझेदारों के संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि यूके ने खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के लिए 35 देशों को एक साझा पहल के तहत साथ लाया है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रिटेन में रहने के खर्च को कम करने का सबसे असरदार तरीका मिडिल ईस्ट में तनाव कम करना और होर्मुज को फिर से खोलना है, और इसके लिए हर संभव कूटनीतिक रास्ता अपनाया जाएगा।

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