May 10, 2026

पाकिस्तान में विस्फोटकों से भरी गाड़ी लेकर थाने में घुसे आतंकी; 3 पुलिसकर्मियों की मौत

बन्नू, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आतंकियों ने एक बड़ी और खौफनाक साजिश को अंजाम देने की कोशिश की है। बन्नू जिले में चरमपंथियों ने विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी के जरिए पुलिस थाने को पूरी तरह उड़ाने का प्रयास किया। हालांकि, मुस्तैद सुरक्षाबलों ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया, जिसके बाद एक जोरदार धमाका हुआ और दोनों तरफ से भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। इस खौफनाक आतंकी हमले में कम से कम तीन पुलिसकर्मियों की जान चली गई है, जबकि कई अन्य जवान गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

यह रूह कंपा देने वाली घटना बन्नू जिले के फतेहखेल पुलिस थाने की है। आतंकियों का मुख्य मकसद विस्फोटकों से लदी गाड़ी को सीधे थाने के अंदर ले जाकर भारी तबाही मचाना था। लेकिन सुरक्षाबलों की सतर्कता के चलते आतंकियों की यह साजिश नाकाम हो गई और उन्हें बाहर ही रोक लिया गया। इसके बाद गाड़ी में एक बेहद जोरदार धमाका हुआ। धमाके की गूंज और ताकत इतनी ज्यादा थी कि थाने के आस-पास बने कई रिहायशी घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। विस्फोट के तुरंत बाद बड़ी संख्या में आए चरमपंथियों ने पुलिस थाने पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसका जवानों ने भी बहादुरी से मुंहतोड़ जवाब दिया।

इस बड़े आतंकी हमले के बाद खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मोहम्मद सोहेल अफरीदी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए जान-माल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ यह जंग सिर्फ खैबर पख्तूनख्वा की नहीं, बल्कि पूरे पाकिस्तान की है। बिना किसी का नाम लिए नीतियों पर सवाल उठाते हुए अफरीदी ने कहा कि बंद कमरों में लिए गए फैसलों और थोपी गई नीतियों ने ही आज देश को असुरक्षा के इस गहरे दलदल में धकेल दिया है। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों की शहादत को नमन करते हुए स्पष्ट किया कि जब तक आतंकवाद के इस अभिशाप को जड़ से नहीं मिटा दिया जाता, तब तक उनके प्रयास जारी रहेंगे।

गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ महीनों में अफगानिस्तान की सीमा से लगे इस प्रांत में सुरक्षा बलों और पुलिस थानों पर होने वाले आतंकी हमलों की संख्या में अचानक तेजी से इजाफा हुआ है। एक के बाद एक हो रहे इन हमलों ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी तंत्र पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालातों के बीच स्थानीय लोगों में भारी दहशत का माहौल है और सुरक्षा बलों के लिए इन चरमपंथी गुटों पर काबू पाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

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