सेवानिवृत आईएएस राजेश खुल्लर को नायब सिंह सैनी सरकार में अहम जिम्मेदारी, चीफ प्रिंसीपल सैक्रेटरी बने
नायब सैनी की हैट्रिक में निभाई ‘चाणक्य’ की भूमिका
चंडीगढ़– सेवानिवृत आईएएस राजेश खुल्लर को नायब सिंह सैनी सरकार पार्ट-2 में अहम जिम्मेदारी दी गई है। अब वह चीफ प्रिंसीपल सैक्रेटरी के पद पर विराजमान होकर सरकार व जनता की सेवा किया करेंगे। शुरू से ही वह भाजपा के लिए खास रहे हैं। हर काम में दक्ष राजेश खुल्लर की कार्यशैली का हर मंत्री व संत्री शुरू से ही कायल रहा है। उन्होंने नायब सिंह सैनी की सरकार के पार्ट-2 में ‘चाणक्य’ की भूमिका निभाई है। इसी के चलते सरकार ने उन्हें यह सम्मान दिया है।
शुक्रवार देर शाम उन्हें प्रदेश की सबसे अहम जिम्मेदारी सौंपी गई। खुल्लर सैनी पार्ट-1 में भी खासे व्यस्त दिखे व उससे पहले मनोहर पार्ट-2 में भी इसी पद पर आसीन थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के लिए भी चाणक्य की भूमिका में भी वह नजर आए थे और अब फिर से वहीं भूमिका अदा करके भाजपा को सम्मानजनक जीत दिलवाकर अपना काम बेहद शांति से करके दोबारा से बड़ी जिम्मेदारी निभाएंगे। राजेश खुल्लर नए बने मुख्यमंत्री नायब सैनी के लिए भी 13 मार्च 2024 के बाद से चाणक्य की भूमिका निभा रहे हैं। सैनी ने खुललर की सीपीएस के रूप में नियुक्ति करके आदेश भी मुख्य सचिव कार्यालय से जारी करवा दिए हैं। 15वीं विधानसभा के परिणामों में भाजपा की जीत व केंद्रीय नेतृत्व द्वारा चुनावों से पहले से ही घोषित सीएम नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में बनने वाली सरकार को प्रशासनिक व्यवस्थाओं में संभालने का दायित्व चाणक्य माने-जाने वाले चोटी के अधिकारी राजेश खुल्लर के पास ही अतीत की भांति रहेगा।
चुनावों में भाजपा को जीत का गुरुमंत्र देने वाले राजेश खुल्लर हरियाणा के हर राजनीतिक दल का टैंपरामेंट बेखूबी जाते हैं। मिशन 2024 में भाजपा की अकेले अपने दम पर वापसी की कुशल राजनीति जो भले ही दिल्ली भाजपा आलाकमान के माध्यम से जनता में आई। मगर उस रणनीति की रिसर्च व उनके परिणामों को सार्थकता प्रदान करने में राजेश खुल्लर की अहम भूमिका रही।
हरियाणा में वर्ष 2024 चुनावी वर्ष रहा। विधानसभा के चुनाव से पहले लोकसभा के चुनाव हुए। चुनावी वर्ष देखते हुए जिस प्रकार से मुख्य प्रधान सचिव पद पर सेवानिवृत्त राजेश खुल्लर की नियुक्ति पूर्व मनोहरलाल सरकार में हुई। उससे स्पष्ट लग रहा था कि राजेश खुल्लर को चाणक्य की भूमिका निभानी पड़ेगी। राजेश खुल्लर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के अत्यंत करीबी व निकटतम आईएएस अधिकारियों में से एक अधिकारी रहे हैं। राजेश खुल्लर ने 1984 में पंजाब विश्वविद्यालय से फिजिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की थी।
शुरू से ही बढ़े पदों पर आसीन रहे –
राजेश खुल्लर अमरीका विश्व बैंक से वापसी के बाद हरियाणा शिक्षा विभाग तथा हरियाणा लोक संपर्क विभाग के एससीएस के अलावा एफसीआर भी रहे। राजेश खुल्लर का सितंबर 2020 में तीन साल की अवधि के लिए विश्व बैंक के वाशिंगटन डीसी कार्यालय में कार्यकारी निदेशक के रूप में नियुक्ति का शानदार करियर रहा है। खुल्लर हरियाणा और केंद्र सरकार में कई अहम पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। राजेश खुल्लर केंद्रीय वित्त मंत्रालय में भी कार्य कर चुके हैं। राजेश खुल्लर गुरुग्राम और फरीदाबाद के मुंसिपल कमिश्नर भी रह चुके हैं और इसके साथ ही रोहतक और सोनीपत के डिप्टी कमिश्नर भी रह चुके हैं। इससे पहले उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रधान सचिव के रूप में लगभग पांच वर्ष तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपनी बहुमुखी प्रतिभा के चलते वह केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।
हरियाणा में सत्ता व विपक्ष के अधिकांश विधायक यह मानते हैं कि राजेश खुल्लर में पक्ष और विपक्ष में अच्छी छवि-
राजेश खुल्लर की हमेशा से ही पक्ष और विपक्ष में अच्छी छवि रही है। उनमें यह खूबी है कि वह किसी को निराश नहीं भेजते। राजेश खुल्लर अपनी वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार कर्तव्य परायणता से अपने दायित्व का निर्वाह करते रहे हैं। हरियाणा के 1988 बैच के आईएस अधिकारी राजेश खुल्लर वीरवार को ही सेवानिवृत्त हुए थे। खुल्लर के बारे कहा जाता है कि वह बहुमुखी प्रतिभाओं के धनी व हर व्यक्ति जो दुखी हो अगर वह इनके दरवाजे तक पहुंच जाता है तो उसकी हर तरह मदद करते हैं।
