दिव्यांगजनों को सुगम व सुलभ सेवाएं प्रदान करना सर्वोच्च प्राथमिकता- गुरसिमर सिंह
· अतिरिक्त उपायुक्त ने की कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा
मंडी, अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह ने कहा कि दिव्यांगजनों को सुगम व सुलभ सेवाएं प्रदान करना सरकार व जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी संबंधित विभाग इस दिशा में पूरी गंभीरता से कार्य करें। वे आज यहां जिला स्तरीय विभिन्न समितियों की बैठकों की अध्यक्षता कर रहे थे।
इन बैठकों में दिव्यांगता अधिकार अधिनियम, 2016 के अंतर्गत जिला स्तरीय दिव्यांगता समिति, राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 के अंतर्गत गठित स्थानीय स्तर की समिति, मैनुअल स्कैवेंजर अधिनियम, 2013 के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता समिति, अल्पसंख्यकों के कल्याणार्थ प्रधानमंत्री के 15-सूत्रीय कार्यक्रम तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति के कार्यों की समीक्षा की गई।
अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को योजनाओं को पूर्ण पारदर्शिता एवं गंभीरता से धरातल तक पहुंचाने के निर्देश दिए, ताकि जरूरतमंद वर्गों को इनका वास्तविक लाभ मिल सके।
दिव्यांगता समिति की बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2019 और सुगम्य भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए सभी सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों को अनुकूल बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उपायुक्त कार्यालय में लिफ्ट निर्माण का कार्य प्रगति पर है। मंडी बस स्टैंड में दिव्यांगजनों तथा महिलाओं के लिए पृथक प्रतीक्षालय बनाने का मामला निगम द्वारा उच्च अधिकारियों को भेजा गया है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि जिला में अभी तक 7632 दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जिन दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, उनके कार्ड मिशन मोड पर बनाए जाएं। बैठक में बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अप्रैल से जून माह तक 10 मेडिकल बोर्ड आयोजित किए गए, जिनमें 317 मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किए गए।
राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के अंतर्गत जिला में 97 दिव्यांग बच्चों के लिए कानूनी संरक्षक नियुक्त किए गए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने समिति को निर्देश दिए कि जिन पात्र बच्चों के संरक्षक अब तक नियुक्त नहीं हुए हैं, उनके मामलों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रधानमंत्री के नए 15-सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में आईसीडीएस सेवाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, शहरी आजीविका मिशन तथा मनरेगा के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
मैनुअल स्कैवेंजर्स अधिनियम, 2013 के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक में लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा, सहायक आयुक्त नगर निगम विजय कुमार, जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज, जिला कल्याण अधिकारी समीर, जिला विकास अधिकारी (ग्रामीण विकास) गोपी चंद पाठक, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरिंदम रॉय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और समितियों के सदस्य उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त सभी एसडीएम व अन्य सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसमें शामिल हुए।
