चुनाव ड्यूटी में भूखे रहे पुलिस जवान, पूरी रात नहीं खाया खाना
ऊना, चुनाव ड्यूटी के दौरान पुलिस जवानों की मेहनत और समर्पण की चर्चा तो खूब होती है, लेकिन इस बार एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने चुनावी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार चुनाव ड्यूटी में तैनात सभी पुलिस कर्मियों ने पूरी रात खाना नहीं खाया और भूखे पेट ही अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहे।
बताया जा रहा है कि पुलिस जवान सुबह करीब 6 बजे से लगातार ड्यूटी पर तैनात थे। मतदान प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। देर रात तक लगातार ड्यूटी करने के बावजूद भोजन व्यवस्था समय पर नहीं हो सकी।
सूत्रों के मुताबिक रात करीब 11 बजे भोजन व्यवस्था को लेकर अधिकारियों द्वारा ठेकेदार को निर्देश दिए गए थे। लेकिन जब पुलिस कर्मी भोजन के लिए पहुंचे तो वहां खाना उपलब्ध नहीं था। इसके बाद मामला अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया और भोजन व्यवस्था शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।
हालांकि हालात ऐसे बने कि भोजन वितरण को लेकर विवाद और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। बताया जाता है कि बातचीत के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद सभी पुलिस कर्मियों ने सामूहिक रूप से फैसला लिया कि वे खाना नहीं खाएंगे।
मामला जब जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा तो समाधान निकालने की कोशिशें भी हुईं। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक पुलिस कर्मी अपना निर्णय ले चुके थे। नतीजतन, पूरी रात ड्यूटी पर तैनात जवानों ने भोजन नहीं किया और अगली सुबह तक अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहे।
जो पुलिस जवान पूरी रात जागकर चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने में जुटे रहे, क्या उनकी बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखना व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं थी?
चुनावी व्यवस्थाओं की सफलता का श्रेय लेने वाले अधिकारियों को यह भी बताना चाहिए कि आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां बनीं कि सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे सभी पुलिस कर्मियों को भूखे पेट ड्यूटी करनी पड़ी।
लोकतंत्र के इस महापर्व में मतपेटियां तो सुरक्षित रहीं, लेकिन उन जवानों का मन जरूर आहत हुआ जो पूरी रात व्यवस्था के लिए खड़े रहे और बदले में उन्हें समय पर एक वक्त का भोजन भी नसीब नहीं हुआ।
