पेपर लीक मामले में सरकार चर्चा के लिए तैयार, समय और तारीख तय करे विपक्ष: किरेन रिजिजू
बोले, शर्तें मत थोपो, बहाने मत बनाओ
नई दिल्ली, मानसून सत्र के चौथे दिन भी प्रश्नकाल और शून्यकाल नीट पेपर लीक मुद्दे पर हंगामे की भेंट चढ़ गए। गुरुवार को लोकसभा में शून्यकाल शुरू होने पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने फिर से अपील की कि विपक्ष समय और तारीख तय करे, सरकार पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि, लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
मानसून सत्र के बीच संसद भवन परिसर में नीट पेपर लीक के मुद्दे पर जमकर हंगामा देखने को मिल रहा है। इस बीच संसद में किरेन रिजिजू और मल्लिकार्जुन खरगे के बीच तीखी बहस देखने को मिली है।
सदन में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- हमने कल अपील की थी। मैं आज आपके (पीठासीन) जरिए सदन से फिर अपील करना चाहता हूं। हमने कांग्रेस पार्टी के नेताओं और दूसरे विपक्षी सदस्यों से भी व्यक्तिगत स्तर पर बात की है। हमने उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिलने और अपने सुझाव शेयर करने के लिए बुलाया है। हमने लोकसभा स्पीकर से भी बात की है कि सरकार इस सदन और राज्यसभा में नीट पेपर लीक पर विपक्ष जिस भी तरह चाहे, जिस भी तारीख को चाहे और जितने समय के लिए चाहे, चर्चा करने के लिए तैयार है। हमने यह भरोसा दिया है।
रिजिजू ने कहा कि गुरुवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सामने संदेश दिया कि नीट पेपर लीक मामलों को दोषियों को सजा के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया जाएगा। पीएम मोदी ने संदेश दिया कि छात्रों के भविष्य के साथ कोई भी खिलवाड़ नहीं की जाएगी। छात्रों का भविष्य अच्छा हो, इसके लिए चर्चा होनी जरूरी है। उन्होंने आगे कहा- हम विपक्ष से हाथ जोड़कर विनती करना चाहते हैं कि कृपया तय करें कि चर्चा कब शुरू करनी है, हम तैयार हैं। किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष शर्तें सामने रखकर बहाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि अगर आप (विपक्ष) बहाने बनाएंगे, तो स्पष्ट है कि आप चर्चा से भागना चाहते हैं।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं विपक्ष जितने भी समय इस विषय पर चर्चा चाहता है, हम बिल्कुल तैयार हैं। रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि आज सभी एनडीए सदस्यों ने भी प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि नीट पेपर लीक पर तुरंत और पूरे देश में चर्चा हो।
उन्होंने कहा कि यह किसी सरकार या दल का विषय नहीं है। आज तक जितने राज्यों में पेपर लीक हुए हैं, सभी पर चर्चा होनी बेहद जरूरी है। हमको इस विषय पर बिल्कुल राजनीति नहीं करनी चाहिए। सभी दलों को एकजुट होकर छात्रों के हित को लेकर चर्चा करनी चाहिए। रिजिजू ने लोकसभा में मांग की कि बिना देरी के नीट पेपर लीक पर चर्चा होनी चाहिए।
