June 27, 2026

पुणे कारोबारी हत्याकांड मामले में अब सिया के भाई ने पूछताछ में खोले कई राज

पुणे, रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में नया मोड़ आया है। मुख्य आरोपी सिया गोयल के भाई साहिल गोयल ने पुलिस पूछताछ में कहा कि यदि सिया ने शादी को लेकर अपनी असहमति या किसी तरह की परेशानी जताई होती, तो परिवार बिना किसी हिचकिचाहट के रिश्ता तोड़ देता। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को करीब 10 घंटे तक चली पूछताछ में साहिल से सिया और सह-आरोपी चेतन चौधरी के रिश्ते सहित कई अहम बिंदुओं पर सवाल किए गए। पूछताछ के बाद देर शाम उसे घर जाने की अनुमति दे दी गई। साहिल ने पुलिस से कहा कि अगर सिया ने कहा होता कि उसे केतन पसंद नहीं है, तो हम शादी रोक देते। पुलिस ने बताया कि साहिल चेतन चौधरी को जानता है और उससे कई महत्वपूर्ण जानकारियों की पुष्टि की गई।

पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहागढ़ किले पर केतन अग्रवाल की उनकी मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी (22) ने पहाड़ी से धक्का देकर हत्या कर दी। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों ने मिलकर इस वारदात की साजिश रची, क्योंकि सिया नवंबर में होने वाली शादी नहीं करना चाहती थी। लोनावला डिवीजन के डीएसपी गजानन टोनपे ने कहा कि अब तक की जांच में दोनों आरोपियों की भूमिका सामने आ चुकी है। उन्होंने बताया कि मामले में अन्य रिश्तेदारों और दोस्तों से भी पूछताछ की जाएगी।

पुलिस अब तक सात लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें एक कर्मचारी भी शामिल है, जिसके मोबाइल फोन का इस्तेमाल कथित तौर पर घटना वाले दिन चेतन ने सिया से संपर्क करने के लिए किया था। जांचकर्ता जल्द ही डमी बॉडी के जरिए घटनास्थल का रीक्रिएशन कर घटनाक्रम को दोबारा समझने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, साहिल के बयान से संकेत मिलता है कि सिया ने शादी को लेकर अपनी आपत्तियां परिवार के साथ कभी साझा नहीं की थीं।

केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने उन दावों को खारिज कर दिया कि उनके बेटे की हेयर विग हत्या की वजह बनी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कारणों से केतन के सिर के एक हिस्से के बाल झड़ गए थे और यह जानकारी शादी तय होने से पहले ही सिया के परिवार को दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि अगर सिया को कोई आपत्ति थी, तो वह शादी से इनकार कर सकती थी। रिश्ता खत्म करना उसके लिए आसान था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने इसकी सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है। राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया है।

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