April 16, 2026

ईरान की धमकी- हम पहली मिसाइल से ही अमेरिकी जहाजों को डुबो देंगे

नई दिल्ली, इस्लामाबाद में ईरान के साथ वार्ता असफल होने के बाद अमेरिका ने अरब और ओमान की खाड़ी में ईरानी बंदरगाह से आने और जाने वाले सभी देशों के जहाजों पर नाकाबंदी लगा दी है। अमेरिकी नौसेना के जहाज ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे हैं इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी करने का फैसला करता है तो हम अमेरिकी जहाजों को डुबो देंगे।

पिछले महीने मोजतबा खामेनेई ने ईरान के वरिष्ठ अधिकारी मोहसेन रेजाई को सैन्य सलाहकार नियुक्त किया था। उन्होंने तंज कसते हुए सवाल किया कि ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए पुलिस बनना चाहते हैं। क्या यह वास्तव में आपका काम है? क्या यह अमेरिका जैसी शक्तिशाली सेना का काम है?” एक सरकारी टीवी को दिए अपने बयान में मोहसेन रेजाई ने कहा, आपके ये जहाज हमारी पहली मिसाइलों से डूब जाएंगे। ये निश्चित रूप से हमारी मिसाइलों की चपेट में आ सकते हैं और हम इन्हें नष्ट कर सकते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि अगर संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान पर जमीनी आक्रमण शुरू करता है तो यह और अच्छा होगा, क्योंकि हम हजारों अमेरिकी सैनिकों को पकड़ लेंगे और फिर प्रत्येक बंधक के बदले हमें एक अरब डॉलर मिलेंगे।

मोहसेन रेजाई ने कहा कि मैं युद्धविराम को बढ़ाने के पक्ष में बिल्कुल नहीं हूं और यह मेरा व्यक्तिगत विचार है। दोनों देसजोन के बीच जारी तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने एक बार फिर संवाद, तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय कानून के पूर्ण सम्मान पर जोर दिया।

उन्होंने एक्स पर लिखा- हम गहरे भू-राजनीतिक तनाव, बढ़ती असमानताओं, घटते विश्वास और अपार मानवीय पीड़ा के दौर से गुजर रहे हैं। यह समय संवाद, तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पूर्ण सम्मान करने की मांग करता है। आइए, शांति को मजबूत करने और सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने के अपने प्रयास जारी रखें।

वहीं पोप लियो ने कहा है कि विश्व शांति के लिए तरस रहा है। उन्होंने एक्स पर लिखा-आइए हिंसा और युद्ध के तर्क को त्याग दें और प्रेम और न्याय पर आधारित शांति को अपनाएं। एक ऐसी शांति जो भय, धमकियों या हथियारों पर आधारित न हो। यह शांति निशस्त्रीकरण करने वाली है, क्योंकि यह संघर्षों को सुलझाने, दिलों को खोलने और विश्वास, सहानुभूति और आशा उत्पन्न करने में सक्षम है। मैं दृढ़ता से दोहराता हूं कि दुनिया शांति के लिए तरस रही है। युद्ध और उससे होने वाली मृत्यु, विनाश और निर्वासन के दर्द को अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *