रुद्रानन्द आश्रम अमलेहड़ में कथा सुनने पहुंचे जिला पार्षद सुशील कालिया
05 सोलर लाइट्स एवम एक वाटर कूलर देने की घोषणा की
संजीव डोगरा, दौलतपुर चौक,
क्षेत्र के रुद्रानन्द आश्रम अमलेहड़ में डेरा के अधिष्ठाता, तपोनिष्ठ, वेदज्ञानी श्री श्री 1008 सुग्रीवानन्द महाराज के सानिंध्य में चल रही श्रीमदभागवत कथा में मंगलवार को जिला पार्षद सुशील कालिया ने शिरकत की एवम कथा का रसपान किया। इससे पहले उन्होंने अखंड धूणे पर शीश नवाकर श्री श्री सुग्रीवानन्द जी महाराज से शुभाशीष प्राप्त किया साथ ही बाबा रुद्रानन्द वेलफेयर कमेटी, वूथ कमेटी एवम सहयोगियों की मांग पर सुशील कालिया ने डेरा अमलेहड़ को 05 सोलर लाइट्स एवम एक वाटर कूलर देने की भी घोषणा की। उधर कथावाचक कृष्ण कन्हैया जोशी ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि रुक्मणि स्वयं साक्षात लक्ष्मी हैं और वह नारायण से दूर रह ही नही सकती। यदि जीव अपने धन अर्थात लक्ष्मी को भगवान के काम में लगाए तो ठीक नहीं तो फिर वह धन चोरी द्वारा, बीमारी द्वारा या अन्य मार्ग से हरण हो ही जाता है। धन को परमार्थ में लगाना चाहिए। इस दौरान जहां महिलाओं ने मंगल गीत गाये वही कथावाचक ने बताया कि पुत्र अपने माता-पिता, गुरु के ऋण से कभी मुक्त नहीं हो सकता। स्वयं श्रीकृष्ण ने भी यही कहा है कि जो पुत्र अपने माता-पिता की सेवा, आदर-सम्मान के साथ नहीं करता, वह चाहे जो भी हो नरक को प्राप्त होता है। कथाव्यास ने उपस्थित श्रद्धालुओं पर प्रवचन की अमृतवर्षा करते हुए उद्धव-गोपी संवाद सुनाया और कहा कि निष्काम भक्ति ही सर्वश्रेष्ठ और भगवान की कृपा प्राप्त करने का एकमात्र माध्यम है।
