सड़क दुर्घटना के घायलों का डेढ लाख रुपये तक हो सकता है कैशलैस इलाज
सभी अस्पतालों में प्रदर्शित होने चाहिए इस योजना के पोस्टर: गंधर्वा राठौड़
हमीरपुर 25 मई। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सोमवार को उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सड़क सुरक्षा से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई।
इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों का आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी सरकारी अस्पतालों और अन्य सूचीबद्ध अस्पतालों में डेढ लाख रुपये तक का मुफ्त एवं कैशलैस इलाज हो सकता है। सड़क दुर्घटना के बाद 24 घंटे के भीतर अस्पताल में दाखिल होने पर यह सुविधा मिलेगी और घायल व्यक्ति का अधिकतम सात दिन तक कैशलैस इलाज किया जा सकता है। कोई भी सूचीबद्ध अस्पताल घायल को दाखिल करने से मना नहीं कर सकता है। इस सुविधा का लाभ पीड़ितों तक पहुंचाने के लिए अस्पताल स्तर पर ऑनलाइन अपलोडिंग की प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण है। उपायुक्त ने इसके लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों में इस योजना के पोस्टर या बोर्ड प्रदर्शित किए जाने चाहिए और सड़क दुर्घटना के पीड़ित की जानकारी तुरंत ऑनलाइन अपलोड होनी चाहिए। उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए तत्काल सहायता प्रदान करने वाले नेक व्यक्तियों को राहवीर योजना के तहत ‘गुड सेमेरिटन’ पुरस्कार दिया जाता है। इस वर्ष अभी तक जिला हमीरपुर से एक व्यक्ति विजय कुमार की अनुशंसा इस पुरस्कार के लिए की गई है।
उपायुक्त ने बताया कि अप्रैल माह में जिला में सड़क दुर्घटना के 9 मामलों में एक व्यक्ति की मौत हुई है। जबकि, 14 लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि जिला में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने, यातायात के नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करने और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग, नेशनल हाईवे, परिवहन विभाग और पुलिस की ओर से आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उपायुक्त ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों को उपयुक्त स्थानों पर छोटे-बड़े वाहनों की अलग-अलग स्पीड लिमिट प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सड़क सुरक्षा से संबंधित अन्य मुद्दों पर भी व्यापक चर्चा की गई। इस अवसर पर एसपी बलवीर सिंह, आरटीओ राजीव ठाकुर, सहायक आयुक्त चिराग शर्मा, एचआरटीसी के डीएम राजकुमार पाठक, समिति के सचिव एवं पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन दीपक कपिल और अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।
