प्रवासी मजदूरों, किरायेदारों और अन्य बाहरी व्यक्तियों के पंजीकरण व सत्यापन जरूरी
कुल्लू, जिला कुल्लू में कानून-व्यवस्था एवं सार्वजनिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला दंडाधिकारी सुरजीत सिंह राठौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार जिले में रह रहे प्रवासी मजदूरों, कामगारों, किरायेदारों तथा अन्य बाहरी व्यक्तियों का संबंधित पुलिस थाना/पुलिस चौकी में पंजीकरण एवं सत्यापन अनिवार्य किया गया है।
जिला दंडाधिकारी ने कहा कि पुलिस अधीक्षक कुल्लू द्वारा अवगत करवाया गया है कि अन्य राज्यों से आए बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर, कामगार, किरायेदार एवं अन्य व्यक्ति जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निवास अथवा कार्य कर रहे हैं, जिनमें से कई का अभी तक संबंधित पुलिस थाना अथवा पुलिस चौकी में पंजीकरण एवं सत्यापन नहीं हुआ है। कुछ मामलों में ऐसे व्यक्तियों के अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने की भी सूचना मिली है। ऐसे में उनकी पहचान एवं पूर्ववृत्त का समय पर सत्यापन सुनिश्चित करना आवश्यक है।
आदेश के तहत सभी नियोक्ताओं, ठेकेदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों को अपने यहां कार्यरत बाहरी/प्रवासी मजदूरों का काम शुरू होने से पहले अनिवार्य रूप से पंजीकरण करवाना होगा। घरेलू सहायकों के मामले में भी यह व्यवस्था लागू होगी।
नियोक्ताओं, ठेकेदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों को प्रत्येक श्रमिक का पहचान प्रमाण, स्थायी पता, संपर्क विवरण, कार्य की प्रकृति तथा जिले में रहने का स्थान संबंधित पुलिस थाने/चौकी को उपलब्ध करवाना होगा। श्रमिकों का विवरण समय-समय पर अद्यतन करना भी आवश्यक होगा तथा आवश्यक सूचना संबंधित स्थानीय पुलिस को देनी होगी।
जिले में किराये पर रह रहे सभी किरायेदारों का पंजीकरण एवं सूचना निकटतम पुलिस थाने में करवाना मकान मालिकों/भवन स्वामियों की जिम्मेदारी होगी।
जिले के सभी होटल, होम-स्टे एवं गेस्ट हाउस संचालकों को अपने यहां ठहरने वाले प्रत्येक आगंतुक के पहचान दस्तावेज, जैसे आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट आदि की अनिवार्य रूप से जांच एवं रिकॉर्डिंग करनी होगी तथा प्रत्येक आगंतुक का मोबाइल नंबर भी दर्ज करना होगा।
फेरीवालों, विक्रेताओं, विशेषकर शॉल विक्रेताओं, रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं, मोची तथा बागवानी, निर्माण, व्यवसाय एवं कृषि क्षेत्र में कार्यरत ठेका श्रमिकों का पंजीकरण/सूचना निकटतम पुलिस थाना/चौकी में करवाना आवश्यक किया गया है। आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करना पंचायतों एवं शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों का भी दायित्व रहेगा।
जिला दंडाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों, स्थानीय निकायों, पंचायत प्रतिनिधियों, पुलिस एवं अन्य अधिकारियों को आदेशों की कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
यह आदेश 3 सितंबर 2026 से प्रभावी होकर दो माह की अवधि तक लागू रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। आदेश
