September 2, 2026

अब आइसक्रीम बाजार में भी अंबानी की एंट्री, 10 रुपए से शुरू होगी ‘बॉम्बे क्रीमरी’

कई कंपनियों की उड़ी नींद

नई दिल्ली, टेलीकॉम सेक्टर में जियो के जरिए बड़ा बदलाव लाने के बाद रिलायंस अब आइसक्रीम बाजार में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी में है। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (आरसीपीएल) ने बॉम्बे क्रीमरी ब्रांड के साथ आइसक्रीम सेगमेंट में कदम रखा है। कंपनी ने इसकी शुरुआती कीमत महज 10 रुपये रखी है। कप, कोन और स्टिक जैसे उत्पादों के साथ शुरुआत करने वाला यह ब्रांड फिलहाल पश्चिमी भारत में उपलब्ध कराया जा रहा है। आगे इसे देश के अन्य हिस्सों में भी पहुंचाने की योजना है।

रिलायंस की एंट्री का असर बाजार में भी दिखाई देने लगा है। खबर सामने आने के बाद बुधवार को बीएसई पर क्वालिटी वॉल्स के शेयर करीब 3 फीसदी तक गिरकर 43 रुपये पर पहुंच गए। इसके साथ ही कंपनी के शेयरों में लगातार सातवें कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज हुई और इस अवधि में करीब 11 फीसदी की कमी आई।

रिलायंस की रणनीति की सबसे बड़ी खासियत इसकी शुरुआती कीमत मानी जा रही है। अमूल के कई स्टिक और कुल्फी उत्पाद ऑनलाइन क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर करीब 20 रुपये या उससे अधिक कीमत में उपलब्ध हैं। ऐसे में 10 रुपये से शुरू होने वाली बॉम्बे क्रीमरी सीधे बड़े पैमाने के उपभोक्ता वर्ग को आकर्षित करने की कोशिश करती दिख रही है।

आरसीपीएल के निदेशक टी. कृष्णकुमार के मुताबिक, कंपनी कीमत को प्रतिस्पर्धी रखने के साथ उत्पाद की गुणवत्ता से समझौता नहीं करेगी। कंपनी का दावा है कि बॉम्बे क्रीमरी में असली डेयरी क्रीम का इस्तेमाल किया गया है और इसे भारतीय परिवारों के बजट को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

आइसक्रीम बाजार में पारंपरिक वैनिला और चॉकलेट के अलावा साल्टेड कारमेल, माचा और तिरामिसु जैसे नए स्वादों की मांग भी बढ़ रही है। क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने इस बदलाव को और गति दी है, क्योंकि उपभोक्ताओं को कुछ ही मिनटों में आइसक्रीम उपलब्ध हो जाती है।

आइसक्रीम बाजार में रिलायंस की रणनीति को उसके कैंपा कोला प्रयोग से जोड़कर देखा जा रहा है। कंपनी ने कैंपा कोला को दोबारा बाजार में उतारते समय 200 मिलीलीटर की बोतल की कीमत 10 रुपये रखी थी। आक्रामक कीमत के चलते सॉफ्ट ड्रिंक बाजार में प्रतिस्पर्धा तेज हुई और पुराने खिलाड़ियों को भी अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ा।

कंपनी के लिए कैंपा की सफलता ने उपभोक्ता बाजार में कम कीमत और बड़े वितरण नेटवर्क की ताकत को साबित किया। वित्त वर्ष 2026 में कैंपा की सकल बिक्री 4,700 करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने का दावा किया गया है। अब रिलायंस इसी मॉडल को आइसक्रीम बाजार में आजमाती नजर आ रही है।

भारत में आइसक्रीम की मांग लगातार बढ़ रही है। बढ़ते तापमान, लंबे समय तक चलने वाली गर्मी और उपभोक्ताओं की बढ़ती खर्च क्षमता ने इस बाजार को विस्तार दिया है। बाजार अनुसंधान अनुमानों के अनुसार, भारतीय आइसक्रीम बाजार करीब 15 फीसदी की वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ रहा है और 2035 तक इसके 16.10 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

छोटे शहरों और कस्बों में भी आइसक्रीम की खपत बढ़ने से कंपनियों के लिए नए बाजार खुल रहे हैं। रिलायंस अपने व्यापक वितरण नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए खुदरा दुकानों पर विशेष फ्रीजर लगाने और उत्पाद की दृश्यता बढ़ाने पर जोर दे रही है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बॉम्बे क्रीमरी की एंट्री रिलायंस की दीर्घकालिक उपभोक्ता कारोबार रणनीति का हिस्सा है। यदि कंपनी कैंपा कोला की तरह आइसक्रीम में भी कम कीमत, व्यापक वितरण और मजबूत ब्रांडिंग का फॉर्मूला सफलतापूर्वक लागू कर पाती है, तो अमूल, क्वालिटी वॉल्स और अन्य स्थापित कंपनियों के सामने प्रतिस्पर्धा और कड़ी हो सकती है।

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