चंडीगढ़ में सड़क हादसों पर लगेगी लगाम?
चंडीगढ़, चंडीगढ़ में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने सड़क सुरक्षा से जुड़े कई कामों की समय सीमा तय कर दी है। उपायुक्त निशांत कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति (DRSC) की 26वीं बैठक में 83 घातक सड़क दुर्घटना स्थलों की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अलावा सड़कों के बुनियादी ढांचे, ट्रैफिक लाइट, अतिक्रमण, अनधिकृत रूप से खड़े वाहनों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (यातायात), इंजीनियरिंग विभाग, नगर निगम चंडीगढ़, चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। समिति ने शहर में चिन्हित 83 घातक सड़क दुर्घटना स्थलों के संयुक्त निरीक्षण के बाद की गई कार्रवाई की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित दो सर्किल डिवीजनों के तहत क्रमशः 16 और 26 स्थानों पर अनुशंसित सड़क सुरक्षा उपाय लागू किए जा चुके हैं।शेष स्थानों पर भी निरीक्षण के दौरान दी गई सुरक्षा संबंधी सिफारिशों को जल्द लागू करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
बैठक में कुछ प्रमुख सड़क सुरक्षा कार्यों के लिए स्पष्ट समय सीमा तय की गई।
सेक्टर-29/30 लाइट प्वाइंट : यहां मीडियन में ग्रिल लगाने का काम दो माह के भीतर पूरा करने को कहा गया है।
वी-3, वी-4 और वी-5 सड़कें : इन सड़कों पर 61 स्थानों पर कुल 195 ब्लिंकर लगाने का काम एक माह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने संबंधित विभागों को इन कार्यों में आपसी समन्वय रखते हुए तय समय सीमा में काम पूरा करने को कहा है।
समिति ने धनास ब्रिज, मटका चौक और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-I/बलटाना टर्न पर एडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) लाइटें स्थापित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट पर चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को यह काम निर्धारित समय सीमा में पूरा करने को कहा गया।
पीजीआईएमईआर के आसपास अतिक्रमण और यातायात संबंधी समस्याओं का भी बैठक में संज्ञान लिया गया। उपायुक्त ने एसडीएम (सेंट्रल) को क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ नियमित प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए।
चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस को सड़कों पर अनधिकृत रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने को कहा गया है। इसका उद्देश्य यातायात का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना और सड़क उपयोगकर्ताओं को होने वाली बाधा को कम करना है।
बैठक में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के कैशलेस उपचार के लिए संचालित पीएम राहत योजना की प्रगति की जानकारी भी समिति को दी गई।
बताया गया कि योजना शुरू होने के बाद से टीएमएस 2.0 पोर्टल पर 30 मामले पंजीकृत किए गए हैं। इनमें से 21 मामलों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।
समिति ने सेक्टर-1 स्थित कैपिटल कॉम्प्लेक्स की व्यापक सुरक्षा योजना (Comprehensive Security Plan) को भी मंजूरी दी। यह योजना चंडीगढ़ प्रशासन के शहरी नियोजन विभाग के मुख्य वास्तुकार की ओर से प्रस्तावित की गई थी।
उपायुक्त ने बैठक में पैदल यात्रियों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। संबंधित विभागों से पैदल यात्रियों के अनुकूल सड़क बुनियादी ढांचा विकसित करने और प्रभावी प्रवर्तन उपायों पर ध्यान देने को कहा गया।
बैठक में लिए गए सभी फैसलों पर संबंधित विभागों को समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का जोर सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को तय समय सीमा में जमीन पर लागू करने पर है।
