August 11, 2026

भारत में विदेशी नागरिकों की एंट्री हुई और आसान

172 देशों के नागरिकों को मिल रही है ई-वीजा सुविधा

नई दिल्ली , भारत सरकार ने ई-वीजा (e-Visa) पर देश आने वाले विदेशी नागरिकों और पर्यटकों को बड़ी सहूलियत दी है। सरकार ने विदेशियों के प्रवेश को और अधिक सुगम बनाने के लिए 11 नए अंतरराष्ट्रीय प्रवेश केंद्रों (एंट्री पोर्ट्स) को ई-वीजा सुविधा से जोड़ दिया है। इनमें 9 भूमि बंदरगाह (लैंड पोर्ट) और 2 हवाई अड्डे शामिल हैं। इस अहम कदम के बाद अब ई-वीजा धारकों के लिए भारत में प्रवेश के विकल्प काफी बढ़ गए हैं, जिससे देश में पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की पूरी उम्मीद है।

सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन नए पोर्ट्स के जुड़ने के बाद भारत में ई-वीजा धारक विदेशी नागरिकों के प्रवेश के लिए अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स की कुल संख्या बढ़कर 88 हो गई है। इन 88 अधिकृत केंद्रों में अब 37 हवाई अड्डे, 38 समुद्री बंदरगाह और 13 भूमि बंदरगाह शामिल हो गए हैं। सरकार का मानना है कि नए केंद्रों को शामिल करने से इलेक्ट्रॉनिक वीजा व्यवस्था की उपयोगिता काफी बढ़ जाएगी और यात्रियों को अपने गंतव्य तक सीधे पहुंचने में आसानी होगी।

ई-वीजा एंट्री के लिए जिन 11 नए केंद्रों को मंजूरी दी गई है, उनमें दो हवाई अड्डे और नौ भूमि बंदरगाह हैं। हवाई अड्डों में मध्य प्रदेश के भोपाल और आंध्र प्रदेश के तिरुपति एयरपोर्ट को शामिल किया गया है। वहीं, नए भूमि बंदरगाहों में अगरतला, गेडे, घोजाडांगा, हरिदासपुर, जयगांव, डावकी, मोरेह और अटारी रोड जैसे प्रमुख सीमांत इलाके शामिल किए गए हैं। इन जगहों से अब विदेशी नागरिक अपने ई-वीजा के जरिए सीधे भारत में प्रवेश कर सकेंगे।

आपको बता दें कि भारत में ई-वीजा सुविधा की शुरुआत इलेक्ट्रॉनिक यात्रा अनुमति के साथ साल 2014 में केवल 43 देशों के लिए की गई थी, लेकिन आज यह सुविधा 172 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध है। वर्तमान में भारत द्वारा जारी किए जाने वाले कुल वीजा में से करीब 78 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक वीजा ही होते हैं। देश में पर्यटक, मेडिकल, बिजनेस और छात्र सहित 17 विभिन्न श्रेणियों के तहत ई-वीजा जारी किया जाता है। इस प्रणाली को इतना फास्ट और पारदर्शी बनाया गया है कि लगभग 95 प्रतिशत ई-वीजा आवेदनों को 72 घंटे से भी कम समय में मंजूरी दे दी जाती है।

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