ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपने पद से दिया इस्तीफा
10 साल में 7वीं बार बदलेगा प्रधानमंत्री
लंदन, ब्रिटेन की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह कदम लेबर पार्टी के भीतर उनके खिलाफ बढ़ते भारी विरोध, असंतोष और बगावत के बाद उठाया है। ब्रिटिश समाचार पत्र ‘द ऑब्जर्वर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टार्मर सोमवार को अपने पद से हटने और नए नेतृत्व के चुनाव के लिए एक औपचारिक समय-सीमा का ऐलान भी कर सकते हैं। आपको बता दें कि ब्रिटेन में पिछले एक दशक में यह सातवीं बार होने जा रहा है जब प्रधानमंत्री बदला जा रहा है, जो ब्रिटिश राजनीतिक इतिहास में करीब दो सदियों का सबसे बड़ा और तीव्र नेतृत्व परिवर्तन है।
साल 2024 के आम चुनाव में ऐतिहासिक और प्रचंड जीत दर्ज कर सत्ता में आने वाले कीर स्टार्मर की लोकप्रियता हाल के दिनों में कई बड़े विवादों, घोटालों और अपनी ही नीतियों से पीछे हटने के कारण जनता के बीच बेहद तेजी से गिर गई थी। लेबर पार्टी के ही 100 से अधिक सांसदों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए खुले तौर पर उनसे तुरंत पद छोड़ने या अपनी विदाई का समय तय करने की मांग की थी। इसके बाद से ही स्टार्मर के राजनीतिक भविष्य पर संकट के बादल लगातार गहरे होते जा रहे थे।
प्रधानमंत्री स्टार्मर के लिए स्थिति शुक्रवार को उस समय पूरी तरह से बेकाबू और गंभीर हो गई, जब ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर और उनके धुर प्रतिद्वंद्वी एंडी बर्नहैम ने संसदीय उपचुनाव में एकतरफा और बड़ी जीत दर्ज कर ली। बर्नहैम की इस शानदार जीत ने उनके लिए ब्रिटिश संसद का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है, जहां से वह अब सीधे तौर पर स्टार्मर के नेतृत्व को चुनौती देने की स्थिति में आ गए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, चारों तरफ से घिरने के बाद कीर स्टार्मर ने कैबिनेट मंत्रियों, प्रमुख सलाहकारों, पार्टी के बड़े चंदादाताओं (दानदाताओं) और श्रमिक संघ के नेताओं के साथ मैराथन बैठकें कीं। इस गहन विचार-विमर्श के बाद उन्होंने आखिरकार यह मान लिया कि अब उनकी स्थिति इस सर्वोच्च पद पर बने रहने के काबिल नहीं रह गई है। वह इस सप्ताहांत अपने ग्रामीण आवास ‘चेकर्स’ में अपनी पत्नी विक्टोरिया के साथ इस गंभीर राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर अंतिम रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।
