आपदा प्रबंधन पर टेबल टॉप अभ्यास आयोजित, 15 जून को जिला में होगा वृहद पूर्वाभ्यास
मंडी जिला के पांच उपमंडलों में भूकंप, वनों की आग व बाढ़ जैसी आपदाओं से बचाव की परखी जाएंगी तैयारियां
मंडी, भूकंप, बादल फटने और जंगल की आग जैसी आपदाओं पर राज्यव्यापी मेगा मॉक अभ्यास के 10वें संस्करण का आयोजन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में 15 जून, 2026 को किया जा रहा है। इस संदर्भ में आज एक राज्य स्तरीय टेबल टॉप एक्साइज (अभ्यास) का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया, जिसमें उपायुक्त अपूर्व देवगन सहित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से जुड़े समस्त अधिकारियों एवं अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
मुख्य सचिव के.के. पंत ने राज्य में आपदा प्रबंधन की तैयारियों से संबंधित जानकारी प्रदान की और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से जुड़े सभी अधिकारियों को इस पूर्वाभ्यास में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की ओर से मेजर जनरल सुधीर बहल (रि.) ने इस पूर्वाभ्यास के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उपायुक्त ने मंडी जिला में भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जिला स्तर पर की गई आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि जिला में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत विभिन्न नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुरूप सभी नोडल अधिकारियों, एजेंसियों तथा अन्य हितधारकों को उनकी जिम्मेवारियों से अवगत करवा दिया गया है।
अपूर्व देवगन ने बताया कि 15 जून, 2026 को होने वाले मैगा मॉक अभ्यास के लिए मंडी जिला में पांच स्थल चिह्नित किए गए हैं। मंडी सदर उपमंडल के तहत रत्ती पुल के समीप गड़ल में वनों की आग से होने वाली आपदा की काल्पनिक स्थितियां तैयार की जाएंगी और उसी के अनुरूप आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियां परखी जाएंगी। यह अभ्यास सायंकाल को 6 बजे से आरंभ होगा और लगभग रात्रि 9.30 बजे तक चलेगा।
इसके अतिरिक्त सुंदरनगर उपमंडल के अंतर्गत खंड विकास कार्यालय तथा करसोग उपमंडल के तहत राजकीय डिग्री कॉलेज करसोग में भूकंप जैसी आपदा की काल्पनिक परिस्थितियां तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का पूर्वाभ्यास किया जाएगा। यह पूर्वाभ्यास प्रातः 9.00 बजे से दोपहर लगभग एक बजे तक जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि थुनाग उपमंडल के तहत थुनाग के नए बस अड्डे के समीप बादल फटने की घटना से आई आपदा तथा बालीचौकी उपमंडल के तहत बालीचौकी बाजार में जीरो चौक के समीप तीर्थन नदी के बाएं तट पर भारी बारिश से बाढ़ की काल्पनिक स्थितियां तैयार की जाएंगी। यह दोनों पूर्वाभ्यास सायंकाल को 6 बजे से रात्रि लगभग 9.30 बजे तक आयोजित किए जाएंगे।
उपायुक्त ने स्थानीय लोगों से भी आग्रह किया कि यह पूर्वाभ्यास केवल मात्र काल्पनिक परिस्थितियों के अनुरूप ही हो रहा है और इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन करते हुए इस पूर्वाभ्यास में भाग लें। सभी को अपनी भूमिका और दायित्वों के बारे में स्पष्टता होनी आवश्यक है ताकि आपदा की स्थिति में और प्रभावी ढंग से राहत एवं बचाव कार्य पूरा किया जा सके।
उन्होंने बताया कि पूर्वाभ्यास में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और आईटीबीपी सहित अन्य संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर निर्धारित स्थानों पर सिमुलेशन (बनावटी स्थल) में सहयोग लिया जाएगा। प्रत्येक स्थल पर पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी जो अपनी अवलोकन रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में संबंधित राज्य एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को प्रस्तुत करेंगे।
आज के टेबल टॉप अभ्यास में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
