किसान कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल रहा है: नरेंद्र मोदी
12 साल की उपलब्धियों में प्रधानमंत्री ने गिनाईं कृषि योजनाएं
नई दिल्ली, केंद्र में अपनी सरकार के 12 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘किसान समृद्धि’ का विशेष उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि पीएम-किसान सम्मान निधि और फसल बीमा योजना जैसी कई पहल किसानों की आय की सुरक्षा के साथ-साथ खेती को अधिक सशक्त बना रही हैं। इसके साथ ही, पीएम मोदी ने कहा कि हमारे किसान भाई-बहन देश की अन्न सुरक्षा, पोषण और समृद्धि के आधार स्तंभ हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- हमारे किसान भाई-बहन देश की अन्न सुरक्षा, पोषण और समृद्धि के आधार स्तंभ हैं। उनके जीवन को अधिक से अधिक आसान बनाने के लिए हमारी सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है। पीएम-किसान सम्मान निधि और फसल बीमा योजना जैसी कई पहल उनकी आय की सुरक्षा के साथ-साथ खेती को अधिक सशक्त बना रही हैं। पीएम-कुसुम योजना से जहां खेती के लिए उन्हें सौर ऊर्जा सुलभ हुई है, वहीं इससे खेती पर होने वाला खर्च भी कम हुआ है।
उन्होंने पोस्ट में लिखा- खेती सहित अन्य जरूरतों के लिए कम ब्याज पर आसानी से ऋण उपलब्ध कराने में किसान क्रेडिट कार्ड किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के बहुत काम आ रहा है। उनकी फसलों को उचित मूल्य दिलाने के लिए ‘बीज से बाजार तक’ की हमारी पहल भी बहुत कारगर साबित हो रही है।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि किसानों का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसलिए उन्हें कृषि से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर हमारा निरंतर जोर रहा है। उन्होंने कहा- ड्रोन, सॉयल हेल्थ कार्ड और प्राकृतिक खाद से जुड़े अभियानों से भी किसानों को फसल की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिल रही है। एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषितम् शेयर करते हुए लिखा कि कृषि केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के पोषण का मूल आधार है। हमारे किसान भाई-बहनों का पसीना जब मिट्टी में मिलता है तो अन्न बनकर देशवासियों के जीवन को संबल देता है। ते कृषिं च सस्यं च मनुष्या उप जीवन्ति।कृष्टराधिरुपजीवनीयो भवति य एवं वेद।
संस्कृत सुभाषितम् में कहा गया है कि खेती और फसल ही मनुष्य के जीवन का आधार हैं। जो व्यक्ति इस सत्य को समझता है, वही कृषि कार्य को सही ढंग से करता है और उसी के माध्यम से समाज का भरण-पोषण होता है। गौरतलब है कि पिछले एक दशक में भारतीय कृषि क्षेत्र में केंद्र सरकार ने कई पहलों को शुरू किया है, उनका उद्देश्य किसानों को सशक्त बनाने और उनकी बेहतर आय रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीआई) के तहत 4 करोड़ से अधिक किसान को बीमा का लाभ मिला है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के तहत अब तक देशभर में किसानों के खातों में 4.27 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि भेजा जा चुकी है। 2014-2025 के बीच जलवायु के अनुकूल फसलों की लगभग 3,000 किस्में जारी की गईं। कृषि अवसंरचना कोष के तहत 84,200 करोड़ रुपए से अधिक मंजूर किए गए, जिससे 1.33 लाख करोड़ रुपए का निवेश हुआ।
