उष्ट्रासन से दूर होगी सुस्ती, पीठ और कंधों में अकड़न
क्या आपको दिन भर सुस्ती छाई रहती है? छोटे-छोटे काम करते ही शरीर थकान महसूस करता है? कम ऊर्जा, पीठ और कंधों में अकड़न, आंखों में तनाव या शारीरिक रुकावट जैसी समस्याएं आपको परेशान कर रही हैं? भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इन समस्याओं के समाधान के रूप में उष्ट्रासन की सिफारिश की है। विश्व योग दिवस को कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। इसी कड़ी में आयुष मंत्रालय प्रतिदिन नए योगासनों के फायदे, अभ्यास की विधि और सावधानियां बता रहा है। उष्ट्रासन इसी अभियान का हिस्सा है। योग एक्सपर्ट का कहना है कि रोजाना कुछ मिनट योग अभ्यास से थकान, तनाव और शारीरिक कमजोरी दूर हो सकती है। छोटे-छोटे बदलाव बड़े परिणाम लाते हैं। उष्ट्रासन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने, चेस्ट स्ट्रेचिंग और पीठ को मजबूती देने में बेहद असरदार है। यह आसन कंधों व पीठ की अकड़न दूर कर थकान और तनाव को कम करता है। इसके नियमित अभ्यास से पाचन तंत्र सुदृढ़ होता है, थायरॉइड ग्रंथि सक्रिय रहती है और अस्थमा जैसी श्वसन संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है। साथ ही, यह शारीरिक मुद्रा (पोस्चर) में सुधार कर आत्मविश्वास और मानसिक शांति बढ़ाता है।
उष्ट्रासन अभ्यास के लिए घुटनों के बल बैठ जाएं और पैरों के अंगूठे पीछे की ओर रखें। घुटनों को कूल्हे की चौड़ाई जितना अलग रखें और दोनों हाथों को कमर पर रखकर धीरे-धीरे पीछे झुकें। इसके बाद हाथों को एड़ियों पर रखें और छाती को आगे की ओर उठाएं और गर्दन को पीछे की ओर झुकाकर छत की ओर देखें। कुछ सेकंड इस मुद्रा में रहें और फिर सामान्य हो जाएं। शुरुआत में 10-20 सेकंड तक ही अभ्यास करें। बाद में धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
इस दौरान कुछ सावधानियां भी रखें। पीठ, गर्दन, घुटनों या कंधों में गंभीर चोट या समस्या हो तो यह आसन न करें। हाई या लो ब्लड प्रेशर वाले व्यक्ति डॉक्टर की सलाह से ही करें। गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारी वाले लोग विशेषज्ञ मार्गदर्शन में अभ्यास करें। सांस को सामान्य रखें, जबरदस्ती न झुकें।
