May 6, 2026

भगवंत मान एक विफल मुख्यमंत्री: बिक्रम सिंह मजीठिया

अमृतसर और जालंधर में धमाकों के बाद विपक्ष का हमला

चंडीगढ़ । पंजाब के अमृतसर और जालंधर में धमाकों के बाद विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। विपक्ष के नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार आपसी विवादों में अधिक फंसी रहती है और भगवंत मान मुख्यमंत्री के तौर पर विफल हैं। शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा- मैं इन धमाकों की कड़ी निंदा करता हूं। लेकिन सच्चाई यह है कि यह पंजाब सरकार के लिए एक वेक-अप कॉल है। हमारे मुख्यमंत्री, भगवंत मान जी, हर समय नशे में रहने के आदी हो गए हैं। पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य के मुख्यमंत्री, जिसकी 550 किलोमीटर लंबी सीमा पाकिस्तान से लगती है, जहां पाकिस्तान बार-बार अशांति फैलाने और शांति भंग करने की कोशिश करता रहता है, अगर ऐसे राज्य का मुख्यमंत्री हर समय नशे में डूबा रहेगा, तो वह कानून-व्यवस्था को कैसे संभाल पाएगा? उन्होंने आगे कहा कि पंजाब में हालात ऐसे हैं कि जालंधर में धमाका हुआ। पुलिस अधिकारी कहते हैं कि स्कूटरी की बैट्री में ब्लास्ट हुआ, जबकि खालिस्तान लिबरेशन आर्मी ने धमाके की जिम्मेदारी भी ली है। ब्लास्ट इतना बड़ा था कि कई किलोमीटर तक उनकी आवाज सुनाई दी। यह पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस की विफलता है कि बीएसएफ चौक के पास धमाका हुआ, जो जगह जालंधर का दिल कही जाती है।
वहीं, कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने कहा कि पंजाब एक संवेदनशील राज्य है। इतिहास में देखा जा सकता है कि पंजाब में अक्सर किस तरह से धमाके हुए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की सरकार को सबसे पहले केंद्र के साथ मिलकर राष्ट्रीय सुरक्षा के विषय पर काम करना चाहिए।
अभिषेक दत्त ने आगे कहा कि यह भी सच है कि पंजाब की सरकार आपसी विवादों में अधिक फंसी रहती है। कभी पंजाब के मुख्यमंत्री के ऊपर शराब पीकर विधानसभा जाने के आरोप लगते हैं, कभी उनके 7-7 राज्यसभा सांसद भाग हो जाते हैं। अभी यह लगता है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार भी गिरने वाली है। कहीं न कहीं भगवंत मान मुख्यमंत्री के तौर पर विफल हुए हैं। न उनके सांसद उनके बस में हैं और न राज्य की कानून व्यवस्था।

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