वैश्विक कारणों से बढ़ी कमर्शियल एलपीजी की कीमतें: प्रह्लाद जोशी
50 प्रतिशत से अधिक एलपीजी होती है आयात
नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 993 रुपए की बढ़ोतरी पर शनिवार को कहा कि यह बढ़ोतरी वैश्विक कारणों से हुई है और भारत की 50 प्रतिशत से अधिक एलपीजी की निर्भरता आयात पर है। पत्रकारों से बात करते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा- यह एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है और हमारी 50 प्रतिशत से अधिक एलपीजी की निर्भरता आयात पर है और इसी वजह से फिलहाल हम मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद सरकार ने मुख्य ईंधनों की कीमतों में स्थिरता बनाए रखी है और बताया कि केंद्र सरकार ने अब तक घरेलू एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और पाइप वाली प्राकृतिक गैस की दरें अपरिवर्तित रखी हैं।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी की कीमतें वैसी ही रखी हैं, और यहां तक कि एलएनजी (पाइप वाली प्राकृतिक गैस) की कीमतें भी वैसी ही हैं लेकिन यह एक ऐसी चीज है जिसे टाला नहीं जा सकता था, इसलिए ऐसा हुआ।
कमर्शियल एलपीजी (19 किलोग्राम का सिलेंडर) की कीमत में औसतन 993 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 3,071.50 रुपए हो गई है, जो पहले 2,078.50 रुपए थी। मुंबई में, कीमतें 2,031 रुपए से बढ़कर 3,024 रुपए हो गई हैं।
28 फरवरी के बाद से कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में यह तीसरी बढ़ोतरी है, जब ईरान संघर्ष बढ़ गया था। पहली बढ़ोतरी मार्च में की गई थी, जिसमें 144 रुपए बढ़ाए गए थे। इसके बाद 1 अप्रैल को लगभग 200 रुपए की एक और बढ़ोतरी की गई।
कीमतों में बार-बार होने वाले इन बदलावों का असर रेस्टोरेंट, खाने-पीने की जगहों और दूसरे कमर्शियल संस्थानों पर काफी ज़्यादा पड़ने की उम्मीद है, जो अपने रोजाना के कामकाज के लिए एलपीजी पर बहुत ज्यादा निर्भर रहते हैं।
इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि खाने-पीने के कारोबार से जुड़ी कंपनियां इस अतिरिक्त लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं, जिससे आने वाले हफ्तों में बाहर खाना और फूड डिलीवरी करवाना और भी महंगा हो सकता है।
