अश्लील गाने पर संजय दत्त ने महिला आयोग के सामने मांगी माफी
नई दिल्ली,बॉलीवुड सुपरस्टार संजय दत्त और एक्ट्रेस नोरा फतेही के गाने सरके चुनरी तेरी को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। गाने के आपत्तिजनक बोल और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप में राष्ट्रीय महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान संजय दत्त खुद आयोग के सामने पेश हुए। उन्होंने न सिर्फ अपना पक्ष रखा, बल्कि अपनी गलती मानते हुए पैनल के सामने माफी भी मांगी है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी तरफ से एक बड़ा कदम उठाकर मामले को शांत करने की कोशिश की है।
राष्ट्रीय महिला आयोग से समन मिलने के बाद संजय दत्त सोमवार को दिल्ली स्थित आयोग के कार्यालय पहुंचे। इस दौरान मीडियाकर्मियों ने उन्हें घेरने की कोशिश की, लेकिन एक्टर ने इस मुद्दे पर कोई भी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। दरअसल, आयोग को इस गाने के कंटेंट को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसे समाज और महिलाओं के लिए बेहद आपत्तिजनक बताया गया था। जांच प्रक्रिया का पालन करते हुए संजय दत्त ने पैनल के सामने अपना पक्ष रखा और मामले की गंभीरता को स्वीकार किया।
आयोग के सामने सुनवाई के दौरान संजय दत्त ने सिर्फ माफी ही नहीं मांगी, बल्कि एक बेहद सकारात्मक पहल भी की है। उन्होंने आयोग को एक अंडरटेकिंग दी है जिसके तहत वह 50 आदिवासी (ट्राइबल) बच्चियों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाएंगे। महिला आयोग ने इस विवादित गाने में परोसी गई अश्लीलता को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया था, जिसके बाद संजय दत्त ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए जांच में पूरा सहयोग करने का आश्वासन भी दिया है।
इस विवादित गाने में एक्ट्रेस नोरा फतेही भी लीड रोल में नजर आई हैं और इसी के चलते महिला आयोग ने उन्हें भी समन भेजा है। पिछली सुनवाई के दौरान नोरा खुद पेश नहीं हुईं बल्कि उनकी जगह उनके वकील पहुंचे थे, जिसे आयोग ने सिरे से नामंजूर कर दिया था। अब आयोग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि नोरा को व्यक्तिगत रूप से पैनल के सामने पेश होना होगा और यह उनके लिए आखिरी मौका है। दूसरी तरफ, भारी बवाल और महिला आयोग के कड़े दखल के बाद केडी: द डेविल फिल्म के इस विवादित गाने को यूट्यूब से पूरी तरह हटा दिया गया है। आयोग ने गाने के निर्माताओं की उस दलील को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि उन्हें गाने के असर का अंदाजा नहीं था, और साफ किया कि ऐसी सफाई देकर जिम्मेदारी से नहीं बचा जा सकता।
