April 23, 2026

14-15 वर्ष की बच्चियों के लिए एचपीवी वैक्सीन जरूरी, सर्वाइकल कैंसर से बचाव का प्रभावी माध्यम : डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन

होशियारपुर: डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने कहा कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बच्चियों के लिए एचपीवी वैक्सीन लगवाना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में यह वैक्सीन निःशुल्क उपलब्ध है और अभिभावकों को अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण अवश्य करवाना चाहिए।

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले कैंसरों में एक प्रमुख बीमारी है, जिसका मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस संक्रमण है। यदि 14-15 वर्ष की आयु में बच्चियों को एचपीवी वैक्सीन लगा दी जाए तो भविष्य में इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह वैक्सीन बच्चियों के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम करती है। उन्होंने कहा कि इस वैक्सीन का कोई साइडइफेक्ट नहीं है और यह पूरी तरह सुरक्षित है।

आशिका जैन ने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में अभिभावक इस महत्वपूर्ण टीकाकरण को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि समय पर लगाया गया यह टीका बेटियों को गंभीर बीमारी से बचाने में सहायक है। इसलिए समाज में एचपीवी वैक्सीन के प्रति जागरूकता फैलाना बेहद आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर लोगों को इस संबंध में जागरूक कर रहे हैं ताकि अधिक से अधिक बच्चियां इस निःशुल्क सुविधा का लाभ ले सकें। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी 14-15 वर्ष की बेटियों को नजदीकी सरकारी अस्पताल में ले जाकर एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवाएं।

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि बेटियों का स्वास्थ्य सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है और एचपीवी वैक्सीन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सामाजिक जागरूकता और समय पर टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारी की रोकथाम संभव है।

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