August 23, 2026

खड़गे के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची भारतीय जनता पार्टी, कड़ी कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा पीएम मोदी के खिलाफ दिए गए विवादित बयान पर सियासत तेज हो गई है। खड़गे के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विपक्ष पर आक्रामक है। इस बीच इस मुद्दे को लेकर भाजपा का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार को चुनाव आयोग पहुंचा और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। इस प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल थे। चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद किरेन रिजिजू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे लोग बहुत दुखी और गुस्से में आयोग के पास गए थे। उन्होंने कहा कि आमतौर पर राजनीतिक दल चुनाव आयोग के पास चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों को लेकर जाते हैं, लेकिन इस बार मामला अलग है, क्योंकि यह सीधे-सीधे देश के प्रधानमंत्री के सम्मान से जुड़ा हुआ है। रिजिजू ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री के खिलाफ जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया, वह बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने इसे सिर्फ भाजपा का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे देश और लोकतंत्र का मुद्दा बताया। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री सिर्फ किसी एक पार्टी के नहीं होते, बल्कि पूरे देश के होते हैं और उनका सम्मान पूरे 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा पहले भी प्रधानमंत्री के खिलाफ कई बार अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। भाजपा का कहना है कि यह एक पैटर्न बन चुका है और अब इसमें और गिरावट आई है।
भाजपा नेताओं ने चुनाव आयोग से मांग की कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी मांग रखी गई कि मल्लिकार्जुन खड़गे को देश से माफी मांगनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी राजनीतिक दल इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने की हिम्मत न करे। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने उन्हें आश्वस्त किया है कि मामले में उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज पूरा प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के सामने इसलिए आया, क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष ने एक चुनावी राज्य में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का अपमान नहीं है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के फैसले का अपमान है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी लगातार प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करती रही है और इसमें कोई सुधार नहीं दिखता। उनके अनुसार, यह व्यवहार लोकतंत्र की मर्यादाओं को कमजोर करता है और चुनावी माहौल को भी खराब करता है।

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