हरियाणा में 6 जिलों में ओलों की सर्जिकल स्ट्राइक, 60 की रफ्तार से चलीं हवाएं
पारा 3.6 डिग्री गिरा
चंडीगढ़, हरियाणा के आसमान पर छाई काली घटाओं ने राज्य में एक बार फिर खौफनाक मंजर पैदा कर दिया है। कुदरत के बदले मिजाज ने पूरे प्रदेश को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। 4 अप्रैल की सुबह से ही बादलों की गर्जना और बिजली की कड़क ने किसी डिजास्टर फिल्म जैसा माहौल बना दिया है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के दक्षिण और पूर्वी हिस्सों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ का सायरन बजा दिया है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह (मेवात), महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की ‘तूफानी’ रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इन जिलों में आसमानी बिजली गिरने और बड़े स्तर पर ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।
बीते 24 घंटों का सीन किसी थ्रिलर से कम नहीं था। नूंह में दोपहर बाद अचानक मौसम ऐसा बदला कि सड़कों पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई। सिरसा में आसमानी बिजली गिरने से एक मकान क्रैश हो गया और एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। भिवानी, हिसार और पानीपत में भी मूसलाधार बारिश ने ‘एक्शन’ दिखाया है।
गर्मी का क्लाइमैक्स अभी दूर
लगातार हो रही बारिश और ओलों ने गर्मी के तेवर ढीले कर दिए हैं। प्रदेश के औसत तापमान में 3.6 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है। नूंह जहाँ 34.8 डिग्री के साथ सबसे हॉट था, वहीं अब चंडीगढ़, रोहतक और करनाल में पारा 30 से 33 डिग्री के बीच सिमट गया है। आने वाले 2-3 दिनों में ठंडक और बढ़ने के आसार हैं।
कुदरत के इस अवतार से फसलों को बचाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
कटाई पर रोक: अगले 3-4 दिनों तक गेहूं और सरसों की कटाई-मड़ाई पूरी तरह बंद रखने को कहा गया है।
पशुओं की सुरक्षा: पशुओं को खुले आसमान के नीचे न छोड़ें, उन्हें सुरक्षित शेड में रखें।
सिंचाई: फिलहाल फसलों में पानी न लगाएं, वरना तेज हवाएं फसल को बिछा सकती हैं।
चेतावनी: हरियाणा के 9 शहरों में बारिश का येलो अलर्ट जारी है। घर से निकलने से पहले आसमान का मिजाज जरूर भांप लें, क्योंकि मौसम की यह बदलती करवट कभी भी भारी पड़ सकती है।
