April 1, 2026

राशन डिपुओं में सफाई और खाद्यान्नों के सुरक्षित भंडारण का रखें ध्यान

राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कत्याल ने अधिकारियों को दिए निर्देशमिड डे मील में स्वच्छता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जारी करें विस्तृत एसओपी

हमीरपुर। राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कत्याल ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जिला की सभी 320 उचित मूल्य की दुकानों में सफाई और खाद्यान्नों का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करें तथा इन दुकानों को साफ-सुथरा एवं आकर्षक लुक देने के लिए संचालकों को विशेष रूप से प्रेरित करें।
मंगलवार को हमीरपुर जिले के दौरे के दौरान यहां हमीर भवन में जिला प्रशासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, राज्य खाद्य आपूर्ति निगम, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा विभाग और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के क्रियान्वयन से संबंधित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान डॉ. एसपी कत्याल ने ये निर्देश दिए।
डॉ. एसपी कत्याल ने कहा कि खाद्यान्नों की गुणवत्ता एवं भंडारण में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी फील्ड में नियमित रूप से उचित मूल्य की दुकानों, गोदामों और आटा मिलों का निरीक्षण करें तथा सैंपलिंग-टेस्टिंग भी सुनिश्चित करें। इनमें संबंधित अथॉरिटी का शिकायत नंबर भी प्रदर्शित किया जाना चाहिए, ताकि उपभोक्ता तुरंत अपनी शिकायत दर्ज करवा सकें। आटा मिलों को एनएफएसए के तहत आवंटित गेहूं की पिसाई के समय भी अधिकारी मौके पर मौजूद रहें। अगर किसी उचित मूल्य की दुकान का संचालन बेहतरीन ढंग से हो रहा है तो उसकी अनुशंसा आईएसओ सर्टिफिकेशन के लिए भी की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि एनएफएसए के तहत सभी पात्र लोगों को लाभान्वित करने के लिए पंचायतीराज संस्थाओं के साथ भी समन्वय स्थापित किया जाना चाहिए। विशेषकर, दिव्यांगों, बुजुर्गों और गंभीर रोगों से ग्रस्त लोगों पर विशेष रूप से फोकस करें। उन्होंने बताया कि खाद्य आयोग ऐसे असहाय एवं जरुरतमंद लोगों के घर तक खाद्यान्न पहुंचाने की संभावनाओं पर विचार करके सरकार को आवश्यक सुझाव प्रेषित करेगा।
जिला में 1351 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 6 साल तक के बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पूरक पोषाहार के वितरण के संबंध में डॉ. एसपी कत्याल ने कहा कि महिलाओं को इस पूरक पोषाहार के महत्व से भी अवगत करवाया जाना चाहिए। गंभीर कुपोषण के शिकार बच्चों के सही पोषण और उपचार के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। इसमें आंगनवाड़ी वर्कर्स और आशा वर्कर्स की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक को स्कूलों में मिड डे मील योजना के सही क्रियान्वयन और इसमें स्वच्छता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत एसओपी जारी करने तथा सभी स्कूलों में नियमित रूप से निरीक्षण के निर्देश दिए।
आयोग के अध्यक्ष ने खाद्य सुरक्षा से संबंधित अन्य मुद्दों पर भी अधिकारियों के साथ व्यापक चर्चा की। उन्होंने विभिन्न योजनाओं से संबंधित अधिकारियों से फीडबैक एवं सुझाव भी आमंत्रित किए।
इस अवसर पर एडीसी अभिषेक गर्ग ने डॉ. एसपी कत्याल का स्वागत किया तथा जिला में खाद्य सुरक्षा से संबंधित किए गए उपायों की विस्तृत जानकारी दी। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक शिव राम और अन्य संबंधित अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों की रिपोर्ट प्रस्तुत की।

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