किसानों को नहीं होगी कोई परेशानी, पारदर्शी तरीके से होगी खरीद प्रक्रिया : उपायुक्त अखिल पिलानीे
गेहूं खरीद के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी
— ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण और ई-खरीद ऐप से गेट पास अनिवार्य
नूंह, – उपायुक्त अखिल पिलानी ने नूंह अनाज मंडी का दौरा कर रबी खरीद सत्र 2026-27 के तहत गेहूं खरीद की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि 1 अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से सुनिश्चित की जाएं।
दौरे के दौरान उपायुक्त ने मंडी में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, बारदाना, भंडारण और तुलाई संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में आने वाले किसानों को निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से उनकी फसल की खरीद सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त ने बताया कि उप मंडल नूंह, पुनहाना व फिरोजपुर झिरका तथा खंड पिनगवां में हरियाणा वेयरहाउसिंग एजेंसी द्वारा गेहूं की खरीद की जाएगी, जबकि उप मंडल तावडू में हैफेड एजेंसी खरीद कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार पूरी खरीद प्रक्रिया पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से संचालित की जाएगी।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी फसल बेचने से पूर्व ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण अवश्य सुनिश्चित करें तथा गेट पास प्राप्त करने के लिए ई-खरीद मोबाइल ऐप का उपयोग करें। मंडी में प्रवेश के समय वाहन नंबर स्पष्ट रूप से अंकित होना अनिवार्य होगा।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि फर्जी खरीद और बिचौलियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए तथा किसानों को उनकी फसल का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में समय पर किया जाए। उन्होंने बताया कि मंडियों को जियो-फेंस किया गया है और गेट पास केवल ई-खरीद ऐप के माध्यम से ही जारी किया जाएगा। साथ ही बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से लागू किया गया है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि मंडियों के प्रवेश एवं निकासी द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तथा बायोमेट्रिक मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसान स्वयं या अपने द्वारा नामित व्यक्ति के माध्यम से फसल बेच सकता है, जिसका बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि खरीद सीजन के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कहीं कोई समस्या उत्पन्न होती है तो उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसानों की फसल की निर्बाध खरीद और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है।
