हिमाचल सरकार का यू-टर्न- एंट्री टैक्स की बढ़ी दरें वापस लीं, सीएम ने सदन में की घोषणा
अब पुराने शुल्क पर ही मिलेगा प्रवेश
शिमला, हिमाचल प्रदेश सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर लगाए गए नए एंट्री टैक्स (प्रवेश शुल्क) को वापस लेने का बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को विधानसभा सत्र के दौरान सदन में इसकी आधिकारिक घोषणा की। सरकार के इस फैसले के बाद अब हिमाचल की सीमाओं पर प्रवेश के लिए पुराना शुल्क ही लागू होगा।पिछले कुछ समय से प्रदेश की सीमाओं पर नए एंट्री टैक्स को लेकर ट्रांसपोर्टरों और स्थानीय लोगों द्वारा कड़ा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ते आंदोलन और जनता के भारी दबाव को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनभावनाओं और बॉर्डर पर पैदा हुई स्थिति को ध्यान में रखते हुए बढ़ी हुई दरों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में प्रवेश करने वाले वाहनों को उसी दर पर टैक्स देना होगा जो बढ़ोतरी से पहले प्रभावी थी। प्रशासन को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि बॉर्डर चेक पोस्ट पर पुराने सॉफ्टवेयर और पुरानी दरों के हिसाब से ही पर्चियां काटी जाएं।
आंदोलन की चेतावनी और सरकार का यू-टर्न विभिन्न व्यापारिक और परिवहन संगठनों ने इस टैक्स के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। आंदोलन के चलते बॉर्डर पर लंबा जाम और तनाव की स्थिति बनी हुई थी, जिसका सीधा असर पर्यटन और माल ढुलाई पर पड़ रहा था। इसी गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार ने यह ‘यू-टर्न’ लिया है।राज्य में पर्यटन सीजन के शुरू होने से पहले इस फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है। टैक्स कम होने से बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानियों को राहत मिलेगी, वहीं आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई करने वाले ट्रक ऑपरेटरों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। विपक्षी दलों ने भी सदन में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद सरकार ने यह घोषणा की।
