March 13, 2026

शेयर बाजार में भूचाल, निवेशकों के डूबे 10 लाख करोड़

इन कारणों से चलते बाजार में आई गिरावट

मुंबई, भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिली। दोनों मुख्य सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। सुबह 11:40 पर, सेंसेक्स 706 अंक या 0.93 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 75,334 और निफ्टी 240 अंक या 1.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,398 पर था।

अब तक के कारोबार में बाजार पर दबाव बनाने का काम मेटल, डिफेंस, ऑटो और पीएसयू बैंक कर रहे थे। इन सेक्टर्स से जुड़े सूचकांकों में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट है। बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट की वजह कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को माना जा रहा है, जो कि फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाधित होने के कारण डब्ल्यूटीआई क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। वैश्विक बाजार में लगातार हो रही गिरावट भी भारतीय बाजारों में नकारात्मक सेंटीमेंट को बढ़ावा दे रही है। एशिया में सोल, टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और जकार्ता के साथ सभी प्रमुख बाजार नकारात्मक खुले थे और अमेरिकी बाजार भी गुरुवार को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए थे।

– विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की एक वजह है। एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 7,049.87 करोड़ रुपए की बिकवाली की थी। अब तक मार्च में एफआईआई 39,000 करोड़ रुपए से अधिक की बिकावली कर चुके हैं। डॉलर के मुकाबले रुपए पर लगातार बढ़ता दबाव भी गिरावट की एक वजह है। शुक्रवार के अब तक के कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपए 0.23 पैसे की तेजी के साथ 92.60 पहुंच गया है, जो कि अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपए का अब तक का सबसे निचला स्तर है।

– वहीं, गिरावट की बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है। ईरान की ओर से दो ऑयल टैंकरों पर हमले के बाद सप्लाई बाधित होने का डर बढ़ गया। ब्रेंट क्रूड करीब 100.5 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है।

– अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। वॉल स्ट्रीट में डॉव जॉन्स 700 से ज्यादा अंक टूटा, जबकि एसएंडपी 500 और नास्दक 1.5 प्रतिशत से ज्यादा गिर गए। ईरान से जुड़े तनाव के कारण निवेशकों में चिंता बढ़ी।

– रुपया भी रिकॉर्ड कमजोर होकर डॉलर के मुकाबले 92.37 तक पहुंच गया। इसी बीच निवेशकों की नजर अब 17 मार्च को आने वाले यूएस फेड के फैसले पर भी टिकी है।

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