March 7, 2026

अनिल अंबानी के ठिकानों पर सुबह-सुबहईडी की रेड, यस बैंक से जुड़ा है कनेक्शन

मुंबई, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज सुबह-सुबह देश के जाने-माने उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस पावर लिमिटेड पर बड़ा एक्शन लेते हुए कॉर्पोरेट जगत में हड़कंप मचा दिया है। खबर है कि ईडी की करीब 15 विशेष टीमों ने अलसुबह ही मुंबई और हैदराबाद में 10 से 12 गुप्त ठिकानों पर अचानक धावा बोल दिया। यह पूरी कार्रवाई रिलायंस पावर से जुड़े बड़े कारोबारियों के घरों और दफ्तरों पर की जा रही है। हालांकि, जांच में किसी भी तरह की सेंधमारी से बचने के लिए एजेंसी ने अभी तक उन विशिष्ट पतों का खुलासा नहीं किया है जहां यह सघन तलाशी अभियान चल रहा है।

इस ताबड़तोड़ रेड की खबर से जहां एक तरफ भूचाल आया हुआ है, वहीं शेयर बाजार में निवेशकों का एक अजीबोगरीब ट्रेंड देखने को मिला है। इतनी बड़ी और नकारात्मक खबर के बावजूद रिलायंस पावर के शेयरों में अचानक लगभग 2 प्रतिशत का उछाल आया और यह 23 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। सिर्फ यही नहीं, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों ने भी 4 फीसदी से ज्यादा की लंबी छलांग लगाई और यह 94.20 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। यह बाजार का रुख कई वित्तीय विशेषज्ञों को हैरान कर रहा है।

सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई है कि यह पूरी कार्रवाई रिलायंस पावर में संदिग्ध फंड ट्रांसफर और बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग के शक में की जा रही है। आपको याद दिला दें कि यह रेड कोई अचानक उठाया गया कदम नहीं है। अभी पिछले ही महीने, यानी फरवरी 2026 में, ईडी ने 40,000 करोड़ रुपये के रिलायंस कम्युनिकेशंस (आर-कॉम) बैंक फ्रॉड के एक पुराने और बेहद गंभीर मामले में बड़ा एक्शन लिया था। तब जांच एजेंसी ने अनिल अंबानी के मुंबई के पॉश पाली हिल इलाके में स्थित 3,500 करोड़ रुपये के आलीशान घर ‘अबोड’ को कुर्क कर लिया था।

इस पूरी कहानी के तार कुख्यात यस बैंक घोटाले से भी बहुत गहराई से जुड़े हुए हैं। पिछले साल दिसंबर 2025 में ईडी ने यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर से भी अनिल अंबानी समूह को दिए गए संदिग्ध लोन के मामले में लंबी पूछताछ की थी। जांच अधिकारियों के मुताबिक, राणा कपूर और अनिल अंबानी के बीच ‘नुकसान के बदले फायदे’ (क्विड-प्रो-क्वो) का एक गुप्त और अवैध सौदा हुआ था। जब राणा कपूर यस बैंक के शीर्ष पद पर बैठे थे, तब रिलायंस एडीएजी ग्रुप पर बैंक का जोखिम मात्र एक साल (2017 से 2018) में 6,000 करोड़ से बढ़कर 13,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया था।

आरोप बेहद गंभीर और चौंकाने वाले हैं। बताया जा रहा है कि इन दोनों दिग्गजों ने इन अवैध समझौतों को अंजाम देने के लिए कई बेहद निजी बैठकें की थीं, जिनमें यस बैंक के अन्य शीर्ष अधिकारियों को जानबूझकर बाहर रखा जाता था। यस बैंक ने एडीएजी समूह की रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का अंधाधुंध निवेश किया, जो बाद में पूरी तरह डूब गया। इसके बदले में एडीएजी समूह ने राणा कपूर के परिवार द्वारा नियंत्रित कंपनियों को भारी-भरकम लोन बांटे। इस पूरे खतरनाक खेल में यस बैंक को लगभग 3,300 करोड़ रुपये का सीधा और भारी नुकसान उठाना पड़ा था, जिसका खामियाजा आम निवेशकों ने भुगता।

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