शिमला-सिरमौर टैक्सी यूनियन के बीच हुये विवाद ने लिया सियासी रंग
शिमला और सिरमोर टैक्सी यूनियनों के बीच उपजा विवाद थमने का नाम नही ले रहा है।अब ये विवाद सियासी रंग ले चुका है। सिरमौर टैक्सी यूनियनों के शक्ति प्रदर्शन के बाद शिमला टैक्सी यूनियन ने डीसी ऑफिस के बाहर शक्ति प्रदर्शन किया और जोरदार नारेबाजी की।इस शक्ति प्रदर्शन में सैकड़ों टैक्सी चालक शामिल हुए। सिरमौर शिमला टैक्सी यूनियनों के बीच डंडे,लात -घूंसे के साथ लड़ाई हुई थी। उसके बाद से शिमला में लगातार तनाव बना हुआ है।मामले में अब कांग्रेस और भाजपा दोनों के नेता भी कूद पड़े हैं। दोनों टैक्सी यूनियनों के लोग एक दूसरे पर गाड़ियां तोड़ने व मारपीट के आरोप लगा रहे हैं।
यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि कि इस मामले को बेवजह क्षेत्रवाद का मुद्दा बनाया जा रहा है। जबकि उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि यहां पर गैरकानूनी तरीके से काम कर रहे गाइड को प्रसाशन टोकन नंबर जारी करे। सिरमौर के नाहन में रिजिस्टर टैक्सी गाडियाँ शिमला में चल रही है जो गलत है।
पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह जो कि शिमला से है ने कहा कि टैक्सी विवाद मामले को क्षेत्रवाद से जोड़ना गलत है। राजधानी शिमला में सभी को काम करने का हक है। मामले को भाजपा राजनीतिक तुल दे रही है। इन दिनों भाजपा के पास कोई काम करने को नहीं है और वह हर मामले में राजनीति करने का प्रयास कर रही है और शिमला का माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान जो कि सिरमौर से संबंध रखते है ने कहा की शिमला सभी का है। इस विवाद को इतना लंबा नही खींचना चाहिए। जल्द दोनों पक्षों को बिठाकर मामले को सुलझाना चाहिए पर्यटन सीज़न में सभी को इसका नुक्सान हो रहा है।
