February 25, 2026

मिड-डे मील कर्मियों को दो महीने की छुट्टियों का नहीं मिलेगा वेतन, कोर्ट ने लगाई रोक

शिमला : सुप्रीम कोर्ट ने मिड-डे मील कर्मियों को दो माह की छुट्टियों का वेतन अदा करने के हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी थी कि हाईकोर्ट ने दो माह की छुट्टियों का वेतन देने का आदेश देकर दरअसल मिड-डे मील कर्मियों के साथ हुए करार को दोबारा लिख दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रथम दृष्टया सरकार की इस दलील से सहमति जताते हुए हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने के आदेश जारी किए। प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे मिड-डे मील कार्यकर्ताओं को बड़ी राहत देते हुए उन्हें दो माह की छुट्टियों का वेतन भी देने के आदेश जारी किए थे। इन्हें सरकार केवल 10 माह का वेतन ही देती है। मिड-डे मील कार्यकर्ताओं के संघ ने पूरे साल का वेतन मांगते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

हाईकोर्ट की एकल पीठ ने संघ की याचिका को स्वीकार करते हुए सरकारी स्कूलों में हजारों की संख्या में तैनात मिड-डे मील वर्करों को दस माह की जगह बारह महीने का वेतन दिए जाने के आदेश दिए थे। इन आदेशों को सरकार ने हाईकोर्ट की ही खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी थी, जिसे खंडपीठ ने खारिज कर दिया था। अब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी। हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को आदेश दिए थे कि वह मिड-डे मील वर्करों को पूरे साल का वेतन दे। सरकार का कहना था कि यह केंद्र सरकार की योजना है। ऐसे में प्रदेश सरकार इस योजना के तहत अपने स्तर पर इन्हें पूरे साल का वेतन नहीं दे सकती। इस दलील को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा था कि जब प्रदेश सरकार अपने स्तर पर इन वर्करों के वेतन को बढ़ा सकती है तो पूरे साल का वेतन क्यों नहीं दे सकती।

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