February 15, 2026

वर्तमान प्रदेश सरकार समावेशी विकास नीतियों के तहत निर्धन एवं उपेक्षित वर्गों को राहत प्रदान कर रही है – जगत सिंह नेगी

किन्नौर जिला के पूह विकास खण्ड की ग्राम पंचायत मूरंग व ठंगी का दौरा किया
लगभग 06 करोड़ 22 हजार रुपये की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया

किन्नौर , राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने किन्नौर जिला के पूह विकास खण्ड की ग्राम पंचायत मूरंग का दौरा किया तथा 02 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले खोकपा नाला से ब्यूकसोंग सम्पर्क सड़क मार्ग का शिलान्यास किया। इसके अलावा उन्होंने ठंगी पंचायत में 01 करोड़ 81 लाख रुपय की राशि से बनने वाले सांकुई से छोरो सम्पर्क सड़क मार्ग का शिलान्यास तथा 43 लाख 20 हजार रुपये की राशि से निर्मित मूरंग झूला के समीप वाहन पार्किंग का लोकार्पण भी किया।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस दौरान मूरंग पंचायत के लिए 01 करोड़ 81 लाख रुपये की राशि से निर्मित बहाव सिंचाई योजना तिमचे का लोकार्पण किया तथा इसे आम जनता को समर्पित किया। उन्होंने पंचायत घर मूरंग के प्रागंण में जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस बहाव सिंचाई योजना के बन जाने से पंचायतवासियों की सिंचाई के पानी की समस्या समाप्त होगी तथा किसानों व बागवानों को उनकी नकदी फसलों को और अधिक बेहतर ढंग से तैयार करने में सहायता प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि मूरंग पंचायत की पेयजल व मल निकासी की समस्या का निपटान भी शीघ्र सुनिश्चित किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य में समावेशी विकास नीतियों के तहत निर्धन एवं उपेक्षित वर्गों को राहत प्रदान करने का कार्य निरंतरता के साथ कर रही है तथा प्रदेश का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वन अधिकार अधिनियम-2006 तत्कालीन कांग्रेस सरकार में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की देन है जिसके तहत भूमिहीन लोगों को उनके अपनी नाम की जमीन का मालिकाना हक प्रदान किया गया। इसी अधिनियम के तहत जनजातीय जिला किन्नौर में भी 45 भूमिहीन लोगों को वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा भू-पट्टे प्रदान किए गए।
राजस्व मंत्री ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत प्राप्त मामलों को अगले स्तर तक ले जाने के लिए पंचायतों में आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में 50 प्रतिशत की हाजिरी आवश्यक है जिसमें 10 प्रतिशत महिलाओं का होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 भी तत्कालीन कांग्रेस सरकार की देन है जिसके माध्यम से आम नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से सूचना प्राप्त कर सकता है। इस अधिनियम को लाने का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाने, सरकार के कार्य में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व लाने, भ्रष्टाचार को नियंत्रित करना एवं हमारे लोकतंत्र को लोगों के लिए कामयाब बनाना है। उन्होंने उपस्थित जनों से आग्रह किया कि वे इस अधिनियम का लाभ उठाए तथा सरकार द्वारा चलाई गई नीतियों व योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें।
इस अवसर पर विश्वकर्मा सांस्कृतिक दल मूरंग द्वारा रंगा-रंग सांस्कृतिक प्रस्तुति भी प्रस्तुत की गई। राजस्व मंत्री द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति के लिए 10 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई।
इस दौरान अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी पूह विनय मोदी, खण्ड विकास अधिकारी अभिषेक बरवाल, किनफैड के अध्यक्षत चंद्र गोपाल, जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य डॉ. सूर्या बोरिस, मूरंग ग्राम पंचायत के प्रधान अनूप कुमार, पूह ब्लॉक कांग्रेस समिति के अध्यक्ष प्रेम सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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